पापा को अच्छा रिपोर्ट कार्ड क्यों नहीं दे पाते अखिलेश यादव?
लखनऊ (नवीन निगम)। उत्तर प्रदेश में आजकल परीक्षा के परिणाम आ रहे है और बच्चों के मां-बाप अपने बच्चों के रिपोर्ट कार्ड देखकर खुश या नाराज हो रहे हैं, लेकिन अखिलेश सरकार का रिपोर्ट कार्ड देखकर पापा मुलायम कुछ खास खुश क्यों नहीं है। समय-समय पर अखिलेश सरकार को चेतावनी देने वाले सपा प्रमुख को थोड़े दिनों बाद अब यह अहसास हुआ है कि उनके द्वारा उप्र सरकार को नसीहत देने का विपक्षी दल कुछ ज्यादा फायदा उठाने लगे है, इसीलिए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर यह कहना शुरू किया है कि वो दिल्ली और अन्य राज्यों से बेहतर है, जबकि आज उप्र में हालात यह है कि कानून-व्यवस्था के मामले में अखिलेश कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है लेकिन अखिलेश की मुसीबत यह कि वो बड़ों का सम्मान उसी प्रकार करते है जैसा सम्मान वह अपने पापा का करते है।
अब वो अपने पापा के सामने कह भी नहीं सकते कि सपा के यही बड़े उनकी सरकार को तेजी के साथ काम नहीं करने दे रहे है। इतिहास गवाह है कि अकबर तभी महान बन सका था जब उसने अपने निर्णय खुद लेने शुरू किए और अपने ऊपर से बैरम खां और अपनी धाय मां का नियत्रंण समाप्त कर दिया। यहां तो अखिलेश को लेकर सियासी गलियारे में एक आम कहावत कही जाती है कि उनके ऊपर चार सीएम है और वह आधे सीएम है। अब ऐसी बातों के बीच अखिलेश कहां से अपना अच्छा रिपोर्ट कार्ड पेश करें। उन्हें तो ज्यादातर इसी बात की चिंता रहती है कि कोई वरिष्ठ उनसे नाराज न हो जाए।

1966 में लाल बहादुर शास्त्री के बाद जब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने इंदिरा गांधी को सत्ता पर बैठाया तो उनकी भी यही सोच थी कि वो उसे अपने हाथों में कठपुतली की तरह नचाएंगे लेकिन इंदिरा गांधी ने साल भर में ही उन वरिष्ठों को ऐसा सबक सिखाया जिसका इतिहास गवाह है। यहां तक की अपने ही राष्ट्रपति के उम्मीदवार को जानबूझकर हरा दिया और सभी दिग्गजों को कांग्रेस से बाहर जाने के लिए मजबूर किया या उन्हें अपने सामने झुकने पर।
अकबर और इंदिरा गांधी जैसे दो उदाहरणों का जिक्र यहां मैंने इसलिए किया क्योंकि जब यह सत्ता पर काबिज हुए तो इन्हें सत्ता का कोई तर्जुबा नहीं था, लेकिन उन्होंने साहस दिखाया और इतिहास में अपना नाम एक तेज प्रशासक के रूप में दर्ज कराया। मुलायम सिंह, अखिलेश के रिपोर्ट कार्ड को देखकर भले ही खुश न होते हो (क्योंकि हर पिता अपने बेटे से 100 में 100 अंक ही इच्छा रखता हैं) लेकिन उन्हें भी सीएम की उन मुश्किलों को दूर करना चाहिए जिनकी वजह से वो ठीक प्रकार काम नहीं कर पा रहे हैं। अखिलेश अपना अच्छा रिपोर्ट कार्ड तभी पापा को दिखा पाएंगे जब वह पूरी तरह उप्र की सत्ता पर काबिज होंगे।












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