अब सीबीआई को पावरफुल क्‍यों बनाना चाहती है कांग्रेस?

[नवीन निगम] कांग्रेस ने सीबीआई को स्वायत्तत बनाने की बात कह कर लगभग यह साफ कर दिया है कि अगली सरकार उसकी नहीं आने वाली है। वह विपक्ष में रहकर सरकार पर वार कर सके इसकी तैयारी उसने अभी से शुरू कर दी है। कर्नाटक चुनाव में मिली विजय से भले ही कांग्रेस का आम कार्यकर्ता खुश हों लेकिन आलाकमान अपनी ताकत को अच्‍छी तरह समझती है। इसीलिये कांग्रेस ने एक तीर से दो शिकार करने की योजना के तहत सीबीआई को स्वायत्तत बनाने की पहल शुरू की है।

अब 2014 के लोकसभा चुनाव में वह जनता के बीच इस संदेश के साथ जा सकती है कि कोर्ट और जनता की राय मानते हुए उसने सीबीआई को स्वायत्तत बना दिया और जैसी संभावना है कि कांग्रेस हार गई तो आने वाली सरकार के लिए वह एक ऐसी मुसीबत खड़ी करके जाएंगी जिसके चलते अगली सरकार का चलना ही दूभर हो जाएगा। हां खुद की सरकार आ गई तो इसे वह सीबीआई को स्वायत्तत बनाने के लिए जनता द्वारा दिया गया आशीर्वाद समझ लेंगी।

Why Congress now wants CBI as autonomous body?

सीबीआई को स्वायत्तत बनाने के पीछे कांग्रेस की कई मजबूरियां भी हो सकती है एक तो कांग्रेस सरकार यह जान चुकी है कि सीबीआई के अधिकारी भी अपने आजाद करवाने के लिए काफी उत्सुक है। सीबीआई के निदेशक रंजीत सिंहा पहले ही कह चुके है कि कोर्ट द्वारा उनको तोता कहना ठीक है ऐसी स्थिति सरकार अपने को काफी मुश्किल स्थिति में पा रही है और लगता है कि पवन बंसल मामले में सीबीआई के पास ऐसे कुछ तथ्य है जिनसे सरकार को परेशानी हो सकती है। इसे सार्वजनिक न करने के बदले वह सीबीआई को स्वायत्तत बनाने के लिए तैयार हो गई है।

पिछले दिनों प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी ऐलान किया था कि यदि अगली सरकार उसकी आई तो वह सीबीआई को स्वायत्तत बनाने की दिशा में काम करेंगी। अब भाजपा भी कांग्रेस की इस पहल से पीछे नहीं हट सकती है और उसे संसद में कांग्रेस का समर्थन करना पड़ेगा। अगली सरकार बनने तक कांग्रेस सीबीआई को स्वायत्तत बना चुकी होगी जो अगली सरकार के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होगी।

ज्ञात हो कि सीबीआई को स्वायत्तत बनाने के लिए मंत्रिसमूह गठित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंत्रियों के समूह (जीओएम) का गठन किया है। यह समूह सीबीआई को स्वतंत्र करने संबंधी योजना बनाएगा। वित्तमंत्री पी चिदंबरम की अध्यक्षता में मंत्रिसमूह का गठन किया गया है। इसके अलावा इसमें गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, कानून मंत्री कपिल सिब्बल, विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद और पीएमओ में राज्यमंत्री नारायण सामी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की स्वायत्तता की बात कही थी। कोर्ट ने इस संबंध में सरकार को कानून बनाने के लिए कहा था। मंत्रिसमूह गठित कर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वरिष्ठ मंत्रियों को एक कैबिनेट प्रस्ताव लाने को कहा है। इस प्रस्ताव को कानूनी जामा पहनाकर सीबीआई को स्वतंत्रता दी जाएगी। यह समूह इस प्रस्ताव के जरिए सीबीआई की स्वायत्तता के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में पेश करने को एक शपथपत्र भी तैयार करेगा। यानी यह समूह सीबीआई को बाहरी हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए एक कानून का मसौदा तैयार करेगा।

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