चिड़ियाघर में कूलर की हवा खा रहे हैं जानवर
ग्वालियर। पारे की उछाल के साथ बढ़ती गर्मी आदमी ही नहीं जानवरों के लिए भी बेचैन कर देने वाली है। इस गर्मी से वन्यप्राणियों को राहत दिलाने के लिए मध्य प्रदेश के ग्वालियर चिड़ियाघर में जानवरों के लिए कूलर लगाए गए हैं और स्प्रिंकलर से पानी के छिड़काव की व्यवस्था की गई है।
ग्वालियर के चिड़ियाघर में बाघ, तेंदुआ, शेर के पिंजरों में कूलर लगाए गए हैं, खुले स्थान में विचरण करने वाले वन्यजीवों पर स्प्रिंकलर की मदद से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। यह व्यवस्था बढ़ते तापमान से इन वन्य प्राणियों को राहत देने के लिए की गई है। इतना ही नहीं कुच वन्य प्राणियों के पिंजरों में सीलिंग पंखे भी लगाए गए हैं। इसके अलावा वन्य प्राणियों को गर्मी के प्रकोप से बचाने के लिए कुछ विशेष प्रकार के पेड़ भी लगाए गए हैं। यह ऐसे पेड़ हैं, जो तापमान को नियंत्रित करते रहते हैं।

वन्य प्राणी उद्यान के प्रभारी एस. के. मित्तल ने आईएएनएस को बताया कि वन्य प्राणियों के बाड़े में साफ -सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। वन्यप्राणियों को मच्छरों से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा वन्य प्राणियों के पिंजरों पर घास के पर्दे लगाए गए हैं। इन पर्दो पर पानी का लगातार छिड़काव होता रहता है।
मित्तल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में वन्य प्राणियों के खान-पान में भी बदलाव किया गया है। आम दिनों में वन्यप्राणियों को सप्ताह में एक दिन खाना नहीं दिया जाता, मगर गर्मी में सातों दिन खाना दिया जाता है। मित्तल का कहना है कि गर्मी के मौसम में खाली पेट रहने और मौसम की गर्माहट से जानवरों के उग्र होने का खतरा रहता है, इसीलिए खानपान से लेकर गर्मी से मुकाबला करने वाली सारी सुविधाएं वन्य प्राणियों को मुहैया कराई जा रही हैं। गर्मी के मौसम में ठंडी हवाएं हर किसी को सुखद लगती हैं, चाहे वह इंसान हो या जानवर, यह बात ग्वालियर के प्राणी उद्यान में आकर जानी जा सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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