5 साल की बच्ची की सुरक्षा में फेल DCP को मिली पीएम सुरक्षा की कमान

मालूम हो कि 5 साल की मासूम (गुड़िया रेप केस) गांधीनगर इलाके में हुई थी। यह थाना पूर्वी दिल्ली में आता है। इस थाने की पुलिस की आलोचना इसलिये भी हुई थी क्योंकि गुड़िया के पिता को मामला दबाने और मीडिया के सामने मुंह ना खोलने के लिये थाने के एसएचओ ने 2000 रुपये बतौर रिश्वत पेश की थी। जिस कांस्टेबल ने पैसे दिए उसने सतर्कता विभाग की जांच के दौरान बताया कि उसने सिर्फ बड़े अधिकारियों के निर्देश का पालन किया था। दामिनी रेप केस में पूछताछ के दौरान रिकॉर्डिंग से छेड़छाड़ के मामले में चर्चा में आईं दक्षिध दिल्ली की डीसीपी छाया शर्मा का ट्रांसफर मिजोरम कर दिया गया है।
दक्षिण दिल्ली के वसंत विहार इलाके में बीते साल 16 दिसंबर को चलती बस में हुए सामूहिक बलात्कार के मामले में भी पुलिस की भूमिका की काफी आलोचना की गई थी। बाद में इस मामले की जांच छाया शर्मा की अगुवाई में ही की गई थी। हालांकि कहा जा रहा है कि डीसीपी छाया और पुलिस हेडक्वार्टर में पदस्थ उनके पति विवेक किशोर का तबादला दिसंबर के पहले पखवाड़े में ही हो चुका था। लेकिन घटना के मद्देनजर इस पर अमल रोक दिया गया था। डीसीपी प्रभाकर को प्रधानमंत्री सुरक्षा की कमान देने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और मशहूर कवि डॉक्टर कुमार विश्वास ने अपनी प्रतिक्रिया जताई है। सरकार की चुटकी लेते हुए कुमार विश्वास ने अपने फेसबुक वॉल पर लिखा है ''जो DCP 5 साल की एक बच्ची को सुरक्षा नहीं दे पाया उस का तबादला पीएम सुरक्षा में हो गया है। प्रार्थना करिए कि ये श्रीमान जी यहाँ भी वही परफोर्मेंस दुहरायें''।












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