मुलायम सिंह कमाते है पार्टी लुटा देती है

मुलायम जैसा चतुर नेता आखिर भाजपा की तारीफ करें कांग्रेस को बुरा भला कहे और फिर चुप हो जाए। इस बात में कुछ अचरज नहीं लगता। दरअसल जब-जब यूपी सरकार पर कानून व्यवस्था में कमजोरी का आरोप लगता है तब-तह मुलायम मीडिया को लेकर कही ओर चले जाते है जहां से वो यूपी की कानून व्यवस्था पर कुछ न लिख सके और उन्हें मुलायम सिंह से खबरों का इतना मसाला मिल जाए कि वो अखिलेश का पीछा छोड़ दे।
पिछले दिनों कांग्रेस, बेनी, मुलायम संवाद के पीछे भी कुछ यही कारण थे, लेकिन अम्बेडकर जयंती पर मायावती ने सपा कार्यकर्ताओं को गुंडा कह दिया। यह मायावती के लिए कोई नई बात नहीं है लेकिन मायावती को शिवपाल यादव ने यह कह कर फायदा करा दिया कि यदि वह गुंडा कहेगी तो हम उन्हें गुंर्डी कहेंगे। एक सभ्य समाज में ऐसा बयान देकर शिवपाल यादव ने मायावती का नहीं सपा का ही नुकसान करा दिया।
कानून व्यवस्था से मुलायम ने बड़ी मुश्किल से जनता का ध्यान हटाया था, लेकिन शिवपाल और मायावती के गुंडा-गुर्डी के चक्कर में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तरफ मीडिया और जनता का ध्यान एक फिर चला गया। यानी जो मुलायम कमाते है उसे पार्टी के अन्य नेता गंवा देते है। प्रतापगढ़ में डीएसपी के मर्डर और उसके बाद राजा भैय्या को मंत्रीमंडल से हटाया जाने के बाद उत्तर प्रदेश की किरकिरी हो रही थी, इससे ध्यान हटाने के लिए मुलायम सिंह यादव ने समर्थन देने लेने के नाम पर कांग्रेस से जो वाकयुद्ध किया उसके पीछे भी यही योजना थी लेकिन सपा के नेताओं ने मायावती के बयान को तरजीह देकर अपने ही नेता द्वारा की गई मेहनत पर पानी फेर दिया।
मायावती तो इस मौके के लिए तैयार ही बैठी ही थी, उन्होनें शिवपाल के गुंडी कहने की बात पर तुरंत पलटवार करते हुए सपा के कार्यकर्ताओं को दहशतगर्द कहने की बात कही। मायावती जब कानून-व्यवस्था पर ही अगला लोकसभा चुनाव लडऩे का मूड बना चुकी है तो उनके बयानों पर सपा की ऐसी बचकानी बयानबाजी उलटे सपा को ही नुकसान पहुंचा देगी। लगता है कि सपा में बयानबाजी अब मुलायम की इंजाजत के बगैर ही होने लगी है।












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