पटना में मजनुओं से निपटेगी 'सिविल महिला पुलिस'
पटना। बिहार की रजधानी पटना में अब मजनूंओं की खैर नहीं। अब पुलिस के साथ-साथ अब छात्राएं भी इन मंजनूंओं से निपटगी। दरअसल अब पटना पुलिस महिलाओं को सुरक्षि त करने के लिए उन्हें ही ट्रेनिंग देने का मन बना रही है ताकि हर विकट परिस्थिति में वो अपना बचाव कर सके। पटना पुलिस सिविल महिला पुलिस का गठन करने वाली है।
पटना पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वयंसेवी संस्था 'प्रयास भारती ट्रस्ट' द्वारा दिए गए एक प्रस्ताव पर पटना पुलिस जल्द ही इस पर काम शुरू करेगी। पुलिस महकमे का मानना है कि सभी स्थानों पर पुलिस की 24 घंटे मौजूदगी संभव नहीं है, ऐसे में महिलाओं को खुद भी सुरक्षा की पहल करनी चाहिए।
योजना के तहत प्रत्येक विद्यालयों व महाविद्यालयों की 100-100 छात्राओं का चयन किया जाएगा और उन्हें तार्किक, मानसिक, शारीरिक व कानूनी रूप से प्रशिक्षित कर सशक्त बनाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन छात्राओं को उन विद्यालयों और महाविद्यालयों में तैनात कर दिया जाएगा।
इसके लिए संबंधित स्थानों पर एक पुलिस पिकेट की भी स्थापना की जाएगी। छेड़खानी की शिकायत मिलने पर ये छात्राएं खुद उन मजनुओं को दंडित कर सकेंगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें पुलिस की भी मदद दी जाएगी। सभी प्रशिक्षित छात्राओं को पहचान पत्र भी दिए जाएंगे, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनु महाराज ने बुधवार को बताया कि चयनित छात्राओं को महिला पुलिस द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। शुरुआत में सिविल महिला पुलिस के साथ कुछ पुलिस दल के जवान भी शामिल होंगे। उधर, स्वयंसेवी संस्था के सुमन लाल का कहना है कि छेड़खानी की घटनाएं एक बड़ी समस्या बन गई है। इस अनोखी पहल से लड़कियां खुद को सशक्त बना पाएंगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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