वर्ल्ड यूनियन ऑफ होल सेल मार्केट में होगा यूपी

कृषि विपणन के क्षेत्र में व्यापक निजी निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन पद्धति पर सार्वजनिक-निजी-सहभागिता (पीपीपी) को मंडी परिषद में भी लागू करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मण्डी परिषद द्वारा एग्रीकल्चरल मार्केटिंग हब के अंतर्गत निर्मित दुकानों के आवंटन एवं प्रीमियम की धनराशि का 25 प्रतिशत हिस्सा उन सभी विभागों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिनकी भूमि पर दुकानें निर्मित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडियों के आधुनिकीकरण के लिए विशेष पहल करने के निर्देश मण्डी परिषद को दिए गए हैं। इसके तहत पैकेजिंग व्यवस्था में सुधार के लिए मण्डी क्रेटस अनुदान योजना संचालित की जाएगी, जिसके तहत 10 एवं 20 किलोग्राम धारिता वाले प्लासिटक क्रेट्स किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि दूर-दराज क्षेत्रों से मंडी समितियों तक आने के लिए नि:शुल्क फल-सब्जी परिवहन योजना लागू की जाएगी। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में जनपद कन्नौज, बहराइच तथा कानपुर में मंडी परिषद द्वारा किसानों के लिए बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा मणिडयों में गंदगी दूर करने के लिए मंडी जैव अपशिष्ट निस्तारण योजना संचालित करने के लिए कहा गया है।
यादव ने बताया कि मंडी परिषद को नवीन मंडी स्थलों के साथ-साथ जनेश्वर मिश्र ग्रामों को भी सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊजीकृत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सोलर स्ट्रीट लाइट, होम लाइट, लालटेन, पम्प आदि की व्यवस्था की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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