अखिलेश के लैपटॉप से पढ़ाई नहीं पैसा कमाने में जुटे छात्र

छात्रों ने बहुत कोशिश की लेकिन सरकारी झमेले में फंसने के डर से किसी भी दुकानदार ने इस खरीदने की कोशिश नहीं की। लैपटॉप बेचने के लिए ये छात्र मोल-जोल के साथ दुकानदारों से विनती तक करने लगे। छात्रों ने दलील दी कि नौकरी मिलनी तो है नहीं आगे चलकर उन्हें खेती-बारी ही करनी है ऐसे में इस डब्बे का उनके लिए कोई मोल नहीं है। लेकिन प्रदेश के मुखिया अखिलेस यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के बाद कोई भी दुकानदार इसे खरीदकर उनके सपने पर पानी फेरने की गलती कैसे कर सकता था। जब इस बात की भनक माध्यमिक शिक्षा सचिव को लगी तो उन्होंने सूचना जारी कर उन छात्रों तो चेतावनी दी कि सरकार द्वारा दिए गए लैपटॉप को बांटने की कोशिश ना करे।
अधिकारी ने बताया कि सरकार ने इन लैपटॉप के कवर पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह का लोगो लगा है जो लैपटॉप ऑन करते ही यह स्क्रीन पर भी दिखाई देता है। इससे ऐसे लैपटॉप की पहचान की जा सकती है। इसके अलावा हर लैपटॉप का एक मशीन नंबर होता है। किस मशीन नंबर का लैपटॉप किस विद्यार्थी को दिया गया है, इसका पूरा रिकॉर्ड विभाग रख रहा है। ऐसे में अगर कोई छात्र इन लैपटॉप को बेचता है या फिर कोई दुकानदार उसे खरीदता है तो उसका पता आसानी से लगाया जा सकता है और उनपर कार्रवाई हो सकती है।












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