निशाने से चूका निर्भय क्रूज मिसाइल, रास्ते में किया नष्ट

इस प्रक्षेपास्त्र को विकासित करने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रवक्ता रवि कुमार गुप्ता ने कहा, "प्रक्षेपास्त्र ने मिशन के मूल उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया। लगभग आधी दूरी तय करने के बाद प्रक्षेपास्त्र के पूर्व निर्धारित मार्ग में विचलन दिखा। इसके बाद तटीय सुरक्षा सुनिश्चित कराने के मद्देनजर प्रक्षेपास्त्र की आगे की उड़ान रद्द कर दी गईं।" परीक्षण केंद्र के निदेशक एम.वी.के.वी. प्रसाद ने आईएएनएस से कहा, "यह परीक्षण प्रक्षेपास्त्र प्रणाली की जांच के लिए किया गया था। परीक्षण से प्राप्त परिणामों के आधार पर इसमें सुधार किया जा सकता है।" डीआरडीओ ने कहा वह इस मिसाइल की नाकामी की जांच की जाएंगी।
ग़ौरतलब है कि भारत के पास ब्रहमोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों की तकनीक है लेकिन 'निर्भय' डीआरडीओ की बेंगलूर स्थित प्रयोगशाला वैमानिक विकास प्रतिष्ठान ने विकसित की थी. यह मिसाइल मध्य दूरी की मारक क्षमता वाली अलग तरह की मिसाइल है। रक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस मिसाइल की मारक क्षमता 700 किलोमीटर तक थी और इसके पास परमाणु बम ले जाने की क्षमता है। इस प्रक्षेपास्त्र को अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र टोमहाक के समतुल्य बताया जा रहा है। टोमहॉक किसी हवाई जहाज की तरह उड़ान भर सकता है तथा 1,000 किलोमीटर की दूरी तय करने में सक्षम है।












Click it and Unblock the Notifications