यूपी में मंत्री ने अंबेडकर पर की अभद्र टिप्पणी, हंगामा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को एक और शर्मनाक वाक्या घटा जब एक मंत्री ने डा. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस पर बसपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया। इस बीच विधायकों की सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
सपा के मंत्री राजेंद्र सिंह राणा ने अंबेडकर ही नहीं बल्कि बसपा कार्यकर्ताओं पर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। जो बसपाईयों को बर्दाश्त नहीं हुआ। डा. अंबेडकर का अपमान करार देते हुए वेल में आकर नारेबाजी की। आक्रोशित बसपा सदस्यों के इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही लगभग आधे घंटे स्थगित रही। विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय के बार-बार समझाने के बाद भी बसपा के सदस्य अपने सीटों पर नहीं गए और राज्यमंत्री राजेन्द्र सिंह राणा से अंबेडकर के बारे में की गई टिप्पणी पर खेद व्यक्त करने और उसे वापस लिए जाने की मांग की जाने लगी।

नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी वेल में धरना दिया। हंगामे के दौरान मात्र पन्द्रह मिनट में ही पहले से स्वीकृत सारे वक्तव्य पढ़े हुए मान लिए गए और सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले मंत्री राणा ने कहा कि बसपा ने अपने पांच साल के कार्यकाल में अंबेडकर को अपनी निजी जागीर बना लिया था। उसने अपने पूरे कार्यकाल में उनका बाजारीकरण किया। बसपा सदस्यों का कहना है कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि महापुरुषों का किसी कीमत पर अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस बीच संसदीय कार्यमंत्री मो.आजम खां ने कहा कि विधानसभाध्यक्ष के आपत्तिजनक टिप्पणी को कार्यवाही से निकाले जाने के आश्वासन के बाद बसपा सदस्यों को शांत हो जाना चाहिए। बसपा सदस्यों के हंगामें के बीच ही राजेन्द्र सिंह राणा ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में अंबेडकर के बारे में कोई आपत्तिजनक या अमर्यादित टिप्पणी नहीं की जिन लोगों ने उनका बाजारीकरण किया उन्हें ही यह बात बुरी लगी है। उन्होंने कहा कि जो कहा उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है इसलिए टिप्पणी वापस लेने या उस पर खेद व्यक्त करने का सवाल ही नहीं उठता।












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