आम बजट 2013: ज्यादा कमाने वाले ज्यादा टैक्स भरें
नई दिल्ली। आज देश के वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने संसद में देश का 82वां आम बजट पेश किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए टैक्स प्रणाली में भारी बदलाव की जरूरत है।
वित्तमंत्री ने कहा कि टैक्स प्रणाली एक उभर्ती अर्थव्यवस्था विकसित देशों की टैक्स प्रणाली की जैसी होनी चाहिये। उन्होंने बताया कि हम अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुकूल टैक्स रिफॉर्म लागू किये जाने का प्रस्ताव रख रहे है। प्रत्यक्ष कर का मौजूदा स्लैब पिछले साल ही लागू हुआ है। किसी व्यक्तिगत आय के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया जायेगा।
स्लैब जो है वही रहेगा, लेकिन 2 से 5 लाख रुपए तक की सालाना आय वालों को 2000 रुपए की छूट दी जायेगी। यह फायदा 5 लाख से ज्यादा आय वालों को नहीं मिलेगा। 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों को 10 फीसदी सरचार्ज देना होगा। देशी व विदेशी कंपनियों पर सरचार्ज 5 से बढ़कर 10 फीसदी लगेगा। यह जो सरचार्ज है वो सिर्फ 2013-14 के लिये है। आगे लागू नहीं होगा।शिक्षा पर 3 फीसदी का कर जारी रहेगा। 25 लाख तक के घर पर होम लोन लेने वालों को 1 लाख रुपए की अतिरिक्त छूट मिलेगी। यानी ढाई लाख तक के ब्याज तक की छूट मिलेगी। जीवन बीमा प्रीमियर दर 5 फीसदी बढ़ेगी। केंद्र व राज्य सरकारों के बॉन्ड में निवेश पर 10 फीसदी छूट मिलेगी।
राष्ट्रीय बाल निधि पर निवेश करने पर 100 फीसदी छूट मिलेगी। कमोडटी ट्रांसैक्शन पर भी टैक्स लगाया जायेगा। 50 लाख से ज्यादा की संपत्ति पर 1 प्रतिशत टीडीएस कटैगा। कर प्रणाली के प्रबंधन में कई नये प्रस्ताव रखे जा रहे हैं। उसके लिये नई घोषणाएं हैं। कोलकाता में टैक्स पे यूनिट खोली जायेगी। स्टैंडिंग कमेटी ऑफ फिनांस डीटीसी बिल लाने का सुझाव दे चुकी है। मतलब साफ है कि सरकार अमीरों से टैक्स वसूलेगी जो ज्यादा कमा रहे हैं वो ज्यादा टैक्स देंगे।













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