आतंक की आग ठंडी नहीं हुई, हुआ नक्सली हमला, 3 शहीद

पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस के जवान जीप पर सवार होकर गश्त कर रहे थे कि उचला गांव के समीप नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया। मिली प्राथमिक सूचना के अनुसार इस विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। गया पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस बल घटनास्थल की ओर रवाना कर दिया गया है।
यह हमला राष्ट्रपति के उन दावों को खोखला साबित करता है, जिसमें उन्होंने कहा कि देश माओवादियों और नक्सलियों से निबटने में कामयाब हुआ है। उन्होंने कहा था, "वामपंथी उग्रवादी हिंसा की घटनाओं में कमी की प्रवृत्ति देखी गई है। नक्सली हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या वर्ष 2011 में 611 थी, जो वर्ष 2012 में घटकर 414 रह गई। सरकार वामपंथी उग्रवाद से व्यापक रूप से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार उग्रवादियों के विरुद्ध सक्रिय एवं निरंतर अभियान चलाने तथा उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं शासन संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की द्वि-आयामी नीति के अनुसार कार्य कर रही है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 400 पुलिस थानों के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु एक नई योजना शुरू की गई है। सर्वाधिक प्रभावित 34 जिलों में 7300 करोड़ की लागत से सड़क संपर्क सुधार योजना का प्रथम चरण मार्च, 2015 तक पूरा होने की संभावना है।












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