देश के लिये महत्वपूर्ण है यह बजट सत्र

संसद के बजट सत्र के दौरान वित्त विधेयक समेत कुल 55 विधेयकों पर सांसद चर्चा होगी। इनमें से 35 ऐसे विधेयक हैं जिन्हें विचार कर पारित किया जाना है। वित्त विधेयक 2013 सहित चार विधेयकों को पेश, चर्चा और पारित किए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। सरकार की 16 नए विधेयक पेश करने की योजना है।
ठीक 11 बजे राष्ट्रगान के साथ बजट सत्र शुरू हुआ और राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया। लेकिन इसी के समानांतर विपक्षी दलों ने हंगामा शुरू कर दिया। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार ने कई सारे सकारात्मक विकास कार्य किये हैं। लेकिन देश की अर्थव्यवस्था उस गति से आगे नहीं बढ़ी, जिस गति से बढ़नी चाहिये थी। सरकार सभी राज्य सरकारों के साथ समन्वय स्थापित करके कार्य कर रही है। इस साल सरकारी घाटा 5.3 प्रतिशत करने पर जोर रहेगा। इस साल सरकार और किसानों के साझा प्रयासों से रिकार्ड तोड़ उत्पादन हुआ है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के मुख्य अंश-
- सरकार ने भूमि अधिग्रहण में परिवर्तन किये।
- जेएनयूआरएम का कार्यकाल 2014 तक बढ़ा दिया गया है।
- सरकार ने विधवाओं की पेंशन बढ़ाकर 500 रुपए कर दी है।
- सरकार ने पोलियो पर जीत हासिल की।
- मिड-डे-मील 11 करोड़ छात्रों तक पहुंच रहा है।
- अब सरकार उच्चतर राष्ट्रीय शिक्षा मिशन लायेगी।
- जरूरी दवाएं सस्ती करने के लिये राष्ट्रीय दवा नीति बनेगी।
- राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम शुरू हो चुकी है।
- चार नये एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी मिल चुकी है।
- माओवादी हिंसा में कमी आयी है, जो कि सरकार के लिये उपलब्धि है।
- जम्मू-कश्मीर और नॉर्थ ईस्ट में सुरक्षा एक बड़ा गंभीर मुद्दा है।
- सरकार महंगाई से निबटने के लिये हर संभव प्रयास करेगी।
- खाद्य सुरक्षा बिल देश के लिये बेहद जरूरी है।












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