जलियांवाला बाग में शर्म से, स्वर्ण मंदिर में धर्म से झुका कैमरन का सिर
अमृतसर। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन जब अमृतसर गये तो कहीं उनका सिर शर्म से तो कहीं धर्म के आगे झुक गया। शर्म से सिर झुका जलियांवाला बाग में, जहां ब्रिटिश हुकूमत ने भारतीयों पर जुल्म ढहाये थे, वहीं ईश्वर के आगे उनका सिर झुका स्वर्ण मंदिर में।
बुधवार को डेविड कैमरन अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर पहुंचे और वहां उन्होंने मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने संपूर्ण मानवजाति के उत्थान एवं विश्व शांति के लिये प्रार्थना की। इस दौरान कैमरन के साथ पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी थे। कैमरन मंदिर पहुंचे तो वहां उनकी एक झलक पाने को लोग बेताब दिखे। हालांकि वो यहां प्रार्थना के मकसद से आये थे। सिर पर साफा बांधकर मंदिर में प्रवेश किया और वाहे गुरु से प्रार्थना की।

इससे पहले कैमरन ने जलियांवाला बाग गये और वहां स्मारक आगंतुक रजिस्टर में लिखा, "ब्रिटेन के इतिहास में यह बेहद शर्मनाक घटना है। विंस्टन चर्चिल ने इस घटना को उस समय बेहद भयावह घटना सही ही कहा था। इस त्रासदी को हमें कभी नहीं भूलना चाहिए, तथा हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि इंग्लैंड हमेशा शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के पक्ष में खड़ा रहे।" कैमरन जलियांवाला स्मारक पर आने वाले पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री हैं। लेकिन उन्होंने इस त्रासदी के लिए किसी तरह की माफी नहीं मांगी। इससे पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री कैमरन ने जलियांवाला बाग स्मारक पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
ज्ञात हो कि 13 अप्रैल 1919 को ब्रिटिश सेना द्वारा मारे गए सैकड़ों महिलाओं, बच्चों एवं पुरुषों की स्मृति में वहां स्मारक का निर्माण करवाया गया है। इससे पहले महारानी एलिजाबेथ ने अक्टूबर 1997 में जलियांवाला बाग स्मारक आकर जनरल डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों द्वारा मारे गए निहत्थे भारतीयों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की थी।












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