कैबिनेट ने लोकपाल में फेरबदल को दी मंजूरी

लेकिन प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी ने स्लेक्ट कमिटी द्वारा बनाए गए रिपोर्ट में किसी भी तरह के फेरबदल को लेकर सरकार को चेतावनी दी है कि लोकपाल बिल पर बनी रिपोर्ट में सभी दलों की सहमति है इसलिए इसमें किसी भी तरह के फेरबदल या सुधार नहीं किया जाना चाहिए। अगर सरकार अपने फायदे के लिए किसी भी तरह का फेरबदल करती है तो इससे सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो जाएंगे। गौरतलब है कि लोकपाल बिल पहले से ही लोकसभा में पास हो चुका था, लेकिन राज्यसभा में ये बिल लटक गया था। जिसके बाद सरकार ने इस बिल को सेलेक्ट कमिटी को सौंप दी थी।
संसद की स्थायी समिती ने लोकपाल पर अपनी रिपोर्ट राज्यसभा में पेश कर दी है। स्थायी समिति की बनाई रिपोर्ट पर कैबिनेट में चर्चा करने के बाद दोबारा से इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। अगर लोकपाल बिल राज्यसभा में पारित होता है तो इसे एकबार फिर से लोकसभा में पेश करना होगा। लोकसभा में बिल में किए गए बदलावों पर सांसदों के बीच बहस की जाएंगी। लोकसभा में इस बिल पर मुहर लगने के लोकपाल बिल पारित कर दिया जाएगा।
इससे पहले यूपीए अध्यक्षा सोनिया गांधी समाजसेवी अन्ना हजारे को चिट्ठी लिखकर ये भरोसा दिलाया था कि सरकार आगामी बजट सत्र में लोकपाल बिल संसद में पेश करेंगी और जल्द से जल्द उसे पास कराकर कानून का रुप देंगी। जिसके बाद अन्ना हजारे ने सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया था।












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