महिलाओं की दुर्दशा के लिए सिस्टम दोषी: जस्टिस वर्मा
लेकिन वर्मा की रिपोर्ट रेप जैसे मामलो के लिए फांसी की सजा की पैरवी नहीं करती है। हां इसमें जरूर कहा गया है कि धारा 375, 376 और 509 के तहत होने वाली सजा को 7 साल से बढ़ाकर 20 साल कर देनी चाहिए। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि धारा 376 (1), 376 (2) और 376 (3) धारा 376 (C) के तहत दोषी को हमेशा के लिए जेल में रखना चाहिए मतलब कि उम्र कैद के लिए पैरवी की गयी है। हां खास बात यह भी जस्टिस वर्मा की रिपोर्ट में नाबालिग की उम्र को लेकर भी कुछ नहीं कहा है।
मालूम हो कि दिल्ली गैंगरेप की घटना के बाद गृहमंत्रालय ने एक कमेटी बनायी थी, इसकी जिम्मेदारी जस्टिस वर्मा के हाथ में थी जिन्होंने बुधवार को अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपी।
गौरतलब है कि 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के बसंत विहार इलाके में एक चलती बस में पैरामेडिकल स्टूंडेट के साथ गैंगरेप हुआ था उसके बाद दरिंदों ने पीड़िता को चलती बस से नीचे फेंक दिया था। इस घटना को अंजाम दिया था 6 लोगों ने जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लड़की 13 दिन तक अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ती रही लेकिन अंत में वो हार गयी और उसकी मौत हो गयी। इस मामले की सुनवाई दिल्ली के फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है।













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