सवर्णों को मिला आरक्षण, मुंह ताकते रहे जाट

सीएम ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान सर्वसमत्ति से इस बात पर मुहर लगा दी। कैबिनेट के इस फैसले के बाद प्रदेश में आर्थिक रुप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी का आरक्षण दिया जाएगा। कैबिनेट बैठक में इसके अलावा कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए जिसमें बहादुरगड़ से मुंडका तक मेट्रो लाइन की मंजूरी और पैरालंपिक प्रतियोगिता में विजेता रहे तीन खिलाड़ियों को सम्मान के तौर पर असिस्टेंट कोच नियुक्त करना शामिल है। सरकार के
इस फैसले के बाद लोगों ने खुशी जताई है। लोगों ने कहा है कि हुड्डा सरकार ने पहली बार सवर्णों के लिए सोचा है। सरकार के इस फैसले के बाद जहां सुवर्ण लोगों ने सरकार के प्रति खुशी जताई तो वही प्रदेश के जाटों को निराशा हाथ लगी। हरियाणा सरकार का ये फैसले अपनी तरह का पहला फैसला है जिसमें सुवर्णों को आरक्षण दिया गया है। इससे पहले कभी भी किसी सरकार ने सवर्णों के लिए आरक्षण नहीं दिया है। हड्डा सरकार के इस फैसले के बाद से कांग्रेस के माथे पर बल जरुर पड़ गया है।
हरियाणा के जाट केन्द्र सरकार से अपने लिए कई सालों से आरक्षण की मांग कर रहे है, ऐसे मेंप्रदेश सरकार द्वारा सुवर्णों को 10 फीसदी का आरक्षण मिलने से जाट केन्द्र सरकार को जाट समुदाय की आलोचना झेलनी पड़ सकती है। हरियाणा सरकार के इस आरक्षण ने केन्द्र के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। गौरतलब है कि हरियाणा के जाट कई सालों से सरकारी नौकरियों में अपने लिए आरक्षण की मांग कर रहे है, लेकिन केन्द्र सरकार ने उनकी इस मांग को आज तक नहीं माना।












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