हेडली के सगे आतंकी तहव्वुर राणा को 14 साल की जेल
बताते चले कि 52 साल के पाकिस्तानी मूल का नागरिक राणा को शिकागो की फेडरल कोर्ट ने सजा सुनाई है। सजा के बाद भी राणा पांच साल तक कोर्ट की निगरानी में रहेगा। राणा पर साल 2008 में हुए मुंबई हमले के जिम्मेदार आंतकवादी हेडली की मदद करने का भी आरोप है।
हालांकि साल 2010 में शिकागो की अदालत ने सबूतों के अभाव में पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को मुंबई हमले के मामले में बरी कर दिया था। उसका कहना था कि सबूत पर्याप्त नहीं थे जो उसे मुंबई हमले में दोषी साबित करते हैं। कोर्ट ने राणा को सिर्फ दो मामलों में दोषी करार दिया था। पहला उसे डेनमार्क हमले में और दूसरा आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा की मदद करने के सिलसिले में। राणा को जिस ज्यूरी ने सजा सुनायी है उस में 12 सदस्य शामिल है।
गौरतलब है कि राणा पर चल रहे मुकदमे की पहली सुनवाई 23 मई 2010 को हुई थी। राणा के ऊपर आरोप लगाया गया था कि उसे भारत में हुये मुंबई हमलों के बारे में जानकारी थी और वो हमलावरों का साथ दे रहा था। कोर्ट में राणा के वकील ने कहा कि हेडली ने मुंबई मामलों में राणा को फंसाया है। मालूम हो कि हेडली सरकारी गवाह के तौर पर खुलासे कर रहा है।
यहां ये भी बता दें कि पाकिस्तान मूल के अमरिकी नागरिक हेडली ने अमेरिकी अधिकारियों से एक समझौता किया था जिसके तहत वो सरकारी गवाह बन कर अन्य आंतकियों के बारे में बताता है तो उसे ना तो मौत की सजा मिलेगी और ना ही भारत, पाकिस्तान और डेनमार्क को सौंपा जायेगा। जिसके तहत हेडली ने कुछ सही और कुछ गलत बयान दिये जिसके चलते उसने राणा को फंसा दिया।













Click it and Unblock the Notifications