जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी, कुछ नहीं होगा: मोहन भागवत

उन्होने यह भी कहा कि इन घटनाओं को रोंकने के लिए मानसिकता में भी बदलाव की जरूरत है। जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी तब तक कुछ नहीं होगा। बलात्कार को रोंकने के लिए कानून बनाने वाले भी इसी समाज से आते हैं अत: सोच में बदलाव होना जरूरी है।
उन्होने देश को महाशक्ति बनने की जरूरत बताई है और कहा है कि हमें अमेरिका या चीन नहीं बनना बल्कि एक मजबूत देश बनना होगा, एक निडर देश बनना होगा जिससे कि हम गरीब और वंचित तबके के लोगों की सेवा कर सकें और समाज के हर हिस्से को विकास का लाभ मिल सके।
इस मौके पर मौजूद इसरो के पूर्व अध्यक्ष माधवन नायर ने भी स्वामी विवेकानंद जी को युवाओं के लिए एक सही मार्ग दर्शक बताया और उनके किये गये कार्यों को याद किया।












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