बलात्कार के लिये फेसबुक-ट्विटर को क्यों दोष देते हो भाई?

हमने यह सवाल फेसबुक पर पूछा, तो ढेर सारे जवाब मिले, जिनमें आधे से ज्यादा लोगों ने नहीं में जवाब दिया। कुछ लोगों ने हां, कहा, लेकिन तर्क नहीं दिया। जिन लोगों ने अपनी बात रखी, उनमें पटना विश्वविद्यालय के श्याम दुबे ने कहा कि यह फेसबुक का दोष नहीं है। अगर आप गौर करें तो कई बड़े-बड़े अभियानों जैसे इसलाम देशों में महिलाओं के अधिकार, अन्ना आंदोलन और यहां तक दामिनी के अभियान की सफलता का श्रेय फेसबुक को ही जाता है।
बीकानेर के इंदर कृशन बर्धवाई का कहना है कि इसमें उम्र सबसे बड़ी भूमिका अदा करती है। क्योंकि उम्र के हिसाब से दिमाग चलता है और वैसे ही सोच विकसित होती है। बच्चों को फेसबुक पर आने से रोकना जरूरी है।
डोंबीवली, मुंबई के प्रेम शर्मा का कहना है कि चाकू गर्दन और सब्जी दोनों को काटने में काम आता है। यह निर्भर करता है व्यक्ति पर कि वो क्या कर रहा है। अर्थशास्त्र कहता है हर चीज व्यक्ति से व्यक्ति पर निर्भर करती है। मैं इसे मजे के लिये इस्तेमाल करता हूं। बस। जो यह सोचता है कि फेसबुक अश्लीलता के लिये है, वो फेसबुक पर आईडी बनाने का अधिकार नहीं है।
सउदी अरब से मोहम्मद परवेज लिखते हैं कि नहीं ऐसा नहीं है। फेसबुक एक अच्छी वेबसाइट है और लोगों को एक दूसरे से मिलाता है। वो लोग मिल जाते हैं, जो बहुत दिनों से नहीं मिले हैं। मैं तो इसे सलाम करता हूं। गलती उसकी है जो अंजान लोगों से दोस्ती कर बैठते हैं और फिर मिलने पहुंच जाते हैं। जम्मू की सोनिया सजकोत्रा भी यही कहती हैं कि यह हम पर निर्भर करता है।
देहरादून के प्रांजल सर्तलिया का कहना है कि फेसबुक पर खतना उन लोगों से है, जो फेक आईडी बनाकर युवाओं को बर्बाद करने का काम करते हैं। यह भी एक अपराध है इस बढ़ते हुए क्राइम को रोकना बहुत जरूरी है। इस पर विचार करना जरूरी है। वहीं दिल्ली के फिरोज़ खान का मानना है कि फेसबुक ट्विटर गलत कामों के लिये ही बना है।












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