कपिल सिब्बल अपने संसदीय क्षेत्र में एफडीआई लागू कर के दिखाये: अरूण जेटली

उन्होने कहा कि एफडीआई के समर्थक एनसीपी नेता ने भी कह दिया है कि वह इसे अभी महाराष्ट्र में लागू होने नहीं देगी। जेटली के अनुसार आज कृषि के बाद सबसे ज्यादा 18 से 20 करोड़ लोग खुदरा व्यापार पर ही निर्भर हैं। अत: वालमार्ट के आने से इन लोगों पर सीधे प्रभाव पड़ेगा। उन्होने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि ज्यादातर पार्टियां एफडीआई के विरोध में हैं, ऐसे में यह सरकार लड़खड़ा रही है। अगर इस पर सरकार ने अपने कदम वापस न लिये तो सरकार जल्द ही गिर जाएगी। उन्होने जानकारी देते हुए कहा कि भारत का रिटेल बाजार साढ़े दस लाख करोड़ का है जबकि वालमार्ट का टर्नओवर 21लाख करोड़ का है।
उन्होने उदाहरण देते हुए कहा कि अमेरिका के मैनहट्टन के स्थानीय लोगों के विरोध के चलते ही वहां वालमार्ट नहीं खुल सका है। इसके लागू होने से बिचौलिये खत्म नहीं होंगे बल्कि और बड़े बिचौलिये अपनी जगह बना लेंगे। सच यह है कि अमेरिका और यूरोप की सरकारें अपने किसानों को भारी सब्सिडी देती हैं। अगर वालमार्ट के आने से किसानों की हालत में सुधार होता तो अमेरिका और यूरोप के किसान कब का अमीर हो चुके होते थे।
अरूण जेटली ने यह भी कहा कि हर बदलाव सुधार नहीं होता। सरकार ने अब तक बदलाव की जो नीतियां अपनाई हैं वह कोई अच्छा परिणाम नहीं दे सकी हैं। अत: यह जरूरी है कि सही नीतियां अपनाई जायें।
वहीं दूसरी तरफ लोकसभा में बहुमत साबित करने के बाद यूपीए के राज्य सभा में जीतने के आसार है। 244 सदस्यीय राज्य सभा में बहुमत साबित करने के लिए 123 वोटों की जरूरत होगी। जिसके लिए सरकार आश्वस्त दिख रही है।












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