अमेरिकी सांसदों की मांग, नरेन्द्र मोदी को ना दिया जाये वीजा

मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के इन 27 सदस्यों ने आरोप लगाया है कि अगर नरेन्द्र मोदी को वीजा दिया गया तो गुजरात दंगों की जांच पर असर पड़ेगा। हिलेरी क्लिंटन को यह चिट्ठी 29 नवंबर को लिखी गई थी। इस चिट्ठी को रिपब्लिकन कांग्रेसी जो पिट्स और फ्रैंक वॉल्फ ने मीडिया के सामने रखा। इस कांफ्रेंस में गुजरात दंगा पीडि़तों के परिजन भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि भारत एक उन्नति की ओर बढ़ता लोकतांत्रिक देश है जो विकास और नेतृत्व के उच्च स्तर की ओर अग्रसर है। यह चिंताजनक है कि भारत की कुछ पार्टियां मोदी को सर्वोच्च पद का दावेदार बनाने के लिए कोशिश कर रहे हैं, जबकि वो जानते हैं कि गुजरात दंगों से उनका सरोकार है। उन्हें अमेरिका आने की अनुमति देना इस कुकृत्य के प्रति उनकी जिम्मेदारी से हाथ खींचने की शह देने के समान होगा।
मालूम हो कि नरेन्द्र मोदी को वर्ष 2005 में अमेरिकी वीजा देने से मना कर दिया था तब अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश थे। उसके बाद कुछ दिनों में अमेरिका ने अपने रुख में नरमी के संकेत दिये और ये कहा कि मोदी अगर वीजा के लिये अप्लाई करते हैं तो अमेरिका उसपर विचार कर सकता है।












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