प्रकृति को चुनौती दे रहे ये दस शहर

बैंगलोर। प्रकृति से छेड़छाड़ हमेशा से ही इंसान को महंगी पड़ी है। आर्थिक प्रगति के सिरमौर बनने के लिए विकसित या विकासशील सभी देश प्रयास कर रहे हैं। जिसके लिए वह प्रकृति को लगातार नुकसान पहुंचाते रहते है। समय-समय पर इंसान को प्रा‍कृतिक संसाधनों के दोहन की भयानक कीमत चुकानी पड़ती है, ऐसे में यह आर्थिक तरक्‍की बेमानी सी लगने लगती है।

अभी ज्‍यादा वक्‍त नहीं हुआ है जब अमेरिका में आये सैंडी तूफान ने विश्‍व के सबसे शक्तिशाली देश को हिलाकर रख दिया। आर्थिक क्षेत्र में विश्‍व का नेतृत्‍व करने वाले न्‍यूयॉर्क शहर ने भारी तबाही का सामना किया है। वहां का जनजीवन अस्‍त व्‍यस्‍त हो गया। धन के साथ ही जनहानि का भी सामना करना पड़ा। हम इस श्रृखला में ऐसे शहरों के बारे में जानेंगे जो अक्‍सर भारी बारिश और तापमान के रूप में प्राकृतिक आपदा का सामना करते हैं। इन शहरों में भारत के तीन शहर भी है जैसे कोलकाता, मुंबई और दिल्‍ली।

मुंबई हर वर्ष भारी बारिश का सामना करता है वहीं दिल्‍ली भी भारी बारिश के कारण ठप हो जाती है। सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई शहर आज असमय मौसम परिवर्तन का सामना कर रहे हैं। जिससे कि इन शहरों को दुनिया के सबसे ज्‍यादा प्राकृतिक आपदायें झेलने वाले शहरों के रूप में जाना जाता है लेकिन कहते हैं ना कि जिंदगी को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। यह शहर प्रकृति की मार खाने के बाद फिर एक बार उठ खड़े होते हैं और इन प्राकृतिक समस्‍याओं को नजर अंदाज कर देते है। आर्थिक प्रगति के लिए दुनिया भर के आकर्षण यंगून ने 2008 में, बैंकॉक ने 2011 में और मनीला ने 2012 में जलवायु परिवर्तन के कारण खासा मुश्किलों का सामना किया था।

ढाका

ढाका

बांग्‍लादेश की राजधानी ढ़ाका को दुनिया में सबसे ज्‍यादा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने के लिए जाना जाता है। सिर्फ भारी बारिश के कारण ही नहीं बल्कि अधिक तापमान मानव स्‍वास्‍थ्‍य को हानि पहुंचाता है।

मनीला

मनीला

फिलीपीन्‍स की राजधानी मनीला को विश्‍व में सबसे तेज आर्थिक तरक्‍की करने वाले शहर के रूप में जाना जाता है। जिसकी आर्थिक प्रगति लगभग 5 प्रतिशत है लेकिन इस शहर में भी जलवायु परिवर्तन के कारण व्‍यापार पर असर पड़ता है।

बैंकॉक

बैंकॉक

थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक सबसे ज्‍यादा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले शहरों में तीसरे नम्‍बर पर है। विकास के बड़े पैमानों को छूने के बावजूद इन शहरों के पास प्राकृतिक आपदाओं का कोई जवाब नहीं है।

यंगून

यंगून

म्‍यांमार की पूर्व राजधानी यंगून प्रतिवर्ष जलवायु प्रतिवर्तन संबंधी आपदाओं का सामना करने वाला शहर है। 2008 में हुई प्राकृतिक आपदा में इस शहर ने भारी मुश्किलों का सामना किया था।

जर्काता

जर्काता

इंडो‍नेशिया का शहर जर्काता प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले शहरों में पांचवे स्‍थान पर है। भूमध्‍य रेखा के करीब होने के कारण यहां का मौसम गर्म और नम दोनों ही प्रकार का होता हैं।

हो चि मिन्‍ह सिटी

हो चि मिन्‍ह सिटी

वियतनाम का यह शहर दुनिया में प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले शहरों में छठवें स्‍थान पर है। यहां पर अधिक गर्म और नम मौसम होता है।

कोलकाता

कोलकाता

कोलकाता को प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले शहरों में सातवें नंबर पर रखा गया है। यह पश्चिम बंगाल की राजधानी है। कोलकाता को पिछले वर्ष ही साइक्‍लोन का सामना करना पड़ा था। बंगाल की खाड़ी के नजदीक होने के कारण यहां जून से सितंबर के मध्‍य भारी बारिश होती है।

मुंबई

मुंबई

भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई को प्राकृतिक आपदाओं से पीडि़त शहरों में आठवें स्‍थान पर है। यह उष्‍णकटिबंधीय स्‍थानों में से एक हैं। इस शहर को प्रतिवर्ष भारी बारिश का सामना करना पड़ता है।

दिल्‍ली

दिल्‍ली

दिल्‍ली दुनिया में सबसे ज्‍यादा प्राकृतिक आपदाओं का सामना करने वाले शहरों में 20वें स्‍थान पर है। यह कोलकाता और मुंबई के बाद भारत का तीसरा शहर है जो प्राकृतिक आपदाओं के कारण मुश्किलों का सामना करता है।

शंघाई

शंघाई

आर्थिक तरक्‍की में खुद को एशियाई सिरमौर स‍ाबित कर चुका चीन के शंघाई शहर को प्रकृति के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

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