एफडीआई लागू होगा तो देश गुलामी की तरफ जाएगा: राजनाथ सिंह

इसके बावजूद इसे आनन-फानन में लागू कर दिया। यह संसद की अवमानना है। पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र सरकार ने जिस तरह संसद और संवैधानिक संस्थाओं की अवमानना की वह कांग्रेस का स्वभाव है। केन्द्र सरकार के मंत्री आए दिन कैग पर जिस तरह आरोप लगा रहे है वह बेहद गलत है। इसके कारण संसदीय लोकतंत्र के लिए संकट पैदा हो रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा कि केन्द्र की मनमोहन सरकार के चलते अर्थव्यवस्था संकट में है। अर्न्तराष्ट्रीय जगत में अर्थव्यवस्था की साख गिरी है। भाजपा का दृढ़मत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था विदेशी धन से ही सुदृढ़ नही हो सकती।
भारत के पास अपनी अर्थव्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए पर्याप्त संसाधन है। उन्होंने कहा कि एफडीआई लागू होने से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नही मिल पायेगा व किसान, व्यापारी आर्थिक रूप से और कमजोर होगा। उन्होंने सपा व बसपा से रिटेल एफडीआई पर अपना रूख स्पष्ट करने को कहा तथा अपील की कि वे रिटेल एफडीआई के मुद्दे पर सदन में सरकार के खिलाफ मत दे। राजनाथ सिंह ने कांग्रेस सरकार द्वारा सब्सिडी के कैश ट्रान्सफर पर किए गए र्निणय की यह कह कर आलोचना कि यह राजनैतिक चाल है। इस र्निणय से पहले उसे किसानों, मजदूरो तथा बेरोजगार लोगों के एकाउन्ट बैंक में खोलना सुनिश्चित कर लेना चाहिए था। उन्होने कहा कि यूपीए-1 में भी इसी तरह कर्ज माफी योजना भी वोट की राजनीति को लेकर लागू की गई थी।
उन्होंने कांग्रेस पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के गरीबी हटाओं के नारे का प्रभाव के कारण देश में गरीबी बढ़ी है तथा आय असमानता भी बढ़ी है। उन्होंने उप्र सरकार द्वारा आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त लोगों से मुकदमें वापस लेने के र्निणय की आलोचना करते हुए कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का र्निणय स्वागत योग्य है। आतंकवादी व उग्रवादी गतिविधियों में शामिल लोगों के विषय को न्यायालय के ऊपर छोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने वोट की राजनीति के लिए सपा के र्निणय की निन्दा की। श्री सिंह ने सरकार से किसानों को 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने की कीमत दिए जाने की मांग की है।
श्री सिंह ने कहा कि उप्र सरकार द्वारा किसानों के कर्जमाफी योजना उनके घोषणापत्र के अनुरूप नही है। उन्होंने सवाल किया कि राष्ट्रीयकृत बैंको से किसानों द्वारा लिए गए कर्ज का भुगतान कौन करेंगा? उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के कर्ज का भुगतान सरकारी कोष से करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को बदतर बताते हुए कहा कि सरकार जनता की कसौटी पर खरी नही उतरी। सरकार बनने के 8 माह वाद भी बेरोजगारों को अभी तक बेरोजगारी भत्ते का भुगतान नही मिला।












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