12 साल पहले फ्रीजर में रखे महिला के अंडों से पैदा हुए जुड़वां बच्चे

गौरतलब है कि मोनिका जैपर्टोज्नी और उसके पति गिलर्मो हुसाक ने वाइट्रो फर्टिलाइजेशन इलाज (वीएफटी) इलाज भी करवाया था। पति हुसाक ने इस बारे में 'डेली मेल' अखबार से कहा कि वीएफटी के असफल होने के बाद हमने सोंचा था कि हम अब शायद कभी भी संतान सुख नहीं पा सकेंगे लेकिन इलाज के अंतिम प्रयास में हमें सफलता मिली।
हालांकि इस दौरान इनकी देखभाल करना बेहद मुश्किल रहा क्योंकि यह समय के साथ-साथ और नाजुक होते जा रहे थे। डॉक्टरों के अनुसार यह उन महिलाओं के लिए भी बेहतर विकल्प है जो अपने करियर को संवारने के प्रयास में देर से मातृत्व सुख चाहती है साथ ही उन महिलाओं के लिए भी अच्छी खबर है जो कैंसर से पीडि़त हैं और संतान सुख चाहती हैं।
बच्चों के जन्म के बाद अपना अनुभव बताने पर मोनिका का कहना है कि इस खुशी को शब्दों में जाहिर करना असंभव है और यह वाकई अविश्वसनीय है।












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