अब हर जिले में पैदा होंगे भूगोल वैज्ञानिक

हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने नई दिल्ली में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. एम मंगापति पल्लम राजू की अध्यक्षता में आयोजित केन्द्रीय शिक्षा परामर्श बोर्ड की बैठक में बोलते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने हर जिले में विज्ञान संग्रहालय स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
भुक्कल ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार प्राप्त करने के योग्य बनाने के उद्देश्य से हरियाणा के आठ जिलों में 40 राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक स्कूलों में 9वीं, 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं के लिए पायलट आधार पर आईटी एवं आई सक्षम सेवाओं, रिटेल, सिक्योरिटी एवं ऑटोमोटिव के चार क्षेत्रों में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा अर्हता रूपरेखा परियोजना शुरू की गई है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सके। इन ट्रेडस में अब तक 4840 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उपलब्ध आधारभूत संरचना का समुचित उपयोग करके, आधारभूत संरचना का उन्नयन करके तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में नए संस्थानों का सृजन करके उच्चतर शिक्षा तक विद्यार्थियों की पहुंच को आसान बनाने पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के फलस्वरूप हरियाणा में उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक विस्तार हो रहा है तथा स्कूलों दाखिला लेने वाले बच्चों के साथ-साथ संस्थानों, दोनों की ही संख्या में वृद्घि हो रही है।
सरकार ने एक सुनियोजित उच्चतर शिक्षा प्रणाली लागू की है, जिसके तहत विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान लगभग हर चरण में शिक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षण की सुविधा भी दी जा रही है। सरकार द्वारा हाल ही में उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों के फलस्वरूप कॉलेजों एवं विश्वविद्यालय की संख्या में वृद्घि हुई है जिससे इनमें दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्घि हुई है।
उन्होंने कहा कि इस समय प्रदेश में चार राज्य विश्वविद्यालय, एक केन्द्रीय विश्वविद्यालय और 9 राज्य निजी विश्वविद्यालय है। इसी प्रकार, 88 राजकीय डिग्री एवं स्नातकोत्तर कॉलेज (जिनमें 22 महिला कॉलेज शामिल हैं), 97 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज, 39 स्व वित्तपोषित कॉलेज एवं 456 स्व वित्तपोषित बी एड कॉलेज तथा 12 एसएफएस लॉ कॉलेज और एक एसएफएस खेल कॉलेज भी हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 लागू किया गया है तथा सरकार ने 3 जून, 2011 को आरटीई नियम अधिसूचित किए है। आधारभूत संरचना को सुधारा जा रहा है और सभी सरकारी स्कूल इस अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन कर रहे है। प्रदेश में मुख्यमंत्री स्कूल सुधार पुरस्कार योजना भी शुरू की गई है ताकि स्कूलों में अपने भौतिक पर्यावरण को सुधारने के लिए प्रतिस्पर्धा की भावना जागृत हो सके। हर वर्ष 564 स्कूलों को उनके प्रदर्शन के आधार पर यह पुरस्कार दिए जाएंगे।












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