'देश में सैलरी पैकेज पर विचार करने की जरूरत'

उन्होंने कहा कि हम मानव इतिहास के कठिन दौर से गुजर रहे हैं, जहां पर एक तरफ लोग गैर प्रजातांत्रिक प्रणालियों को उखाड़ फैंक रहे हैं और राजनैतिक रूप में प्रजातांत्रिक प्रणाली को अपना रहे हैं। दूसरी तरफ उदार पूंजीवाद आर्थिक व्यवस्था के रूप में पसन्द किया जा रहा है। जहां प्रजातांत्रिक व्यवस्था पसन्द बन रही है, वहीं मार्केट आधारिक अर्थव्यवस्था की स्थिरता पर शंकाएं जताई जा रही हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस व्यवस्था से विकास दर तेज होती है लेकिन इससे आय की असमानताएं बनती हैं। हुडडा ने कहा कि हमें इन दोनों को संतुलित करना है, जो कि कठिन चुनौती है।
राज्य ने 9.4 प्रतिशत की औसत वार्षिक विकास दर हासिल की
हरियाणा के विकास का जिक्र करते हुए हुड्डा ने कहा कि यह प्रदेश तेजी से उन्नति की राह पर अग्रसर है और यह इस तथ्य से समझा जा सकता है कि पिछले सात वर्षों के दौरान राज्य ने 9.4 प्रतिशत की औसत वार्षिक विकास दर हासिल की है, जो 8.4 प्रतिशत की राष्टरीय विकास दर से अधिक है। हुड्डा ने अक्तूबर, 2012 में प्रकाशित ऐसोचैम की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि हरियाणा में प्राप्त कुल निवेश का 87 प्रतिशत निजी क्षेत्र से हैं, जिससे स्पष्टï प्रतीत होता है कि हरियाणा ने निजी निवेशकों में विश्वास उत्पन्न किया है। उन्होंने कहा कि शासन के परम्परागत तरीकों से हट कर हमने एक आदर्श को अपनाया है,जो बाधा रहित और समयबद्घ स्वीकृति की सुविधा प्रदान करता है। हरियाणा की उद्योग और निवेश नीति 2011 प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देती है।
ऐसोचैम की सितम्बर, 2010 की रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा राज्य ने 81 प्रतिशत निवेश की दर हासिल करके गुजरात, महाराष्ट, तमिलनाड़ू और करनाटक जैसे राज्यों से अग्रणी है। सीएमआईई की 2007 की रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा ने प्रति व्यक्ति निवेश में उच्च स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में इंडिया टूडे की राज्यों की अध्ययन रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र की श्रेणियों में हरियाणा उच्च स्थान पर है। राज्य ने मोस्ट इनोवेशन ड्रीवन इकोनॉमीज की श्रेणी में अत्यधिक प्रतिस्पद्र्घात्मक राज्य पुरस्कार 2012 जीता है।
देश में सबसे कम अपराध दर हरियाणा में
हुड्डा ने हरियाणा में बेहतर कानून व्यवस्था की तरफ ध्यान दिलाया और कहा कि यहां देश में सबसे कम अपराध दर है। हरियाणा के लोग मेहनती और परिश्रमी हैं और यह पहला राज्य है, जिसने व्यापक और प्रगतिशील नीति बनाई है। उन्होंने कहा कि उद्यमी स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में यहां निवेश कर सकते हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में यहां काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पुनर्वास और पुर्नउत्थान नीति अधिसूचित की है, जो एक रोल मॉडल के रूप में उभरी है। यह नीति भूमि मालिकों को भूमि मुआवजे के अतिरिक्त 33 वर्षों तक वार्षिकी प्रदान करती है। हमारी हाल ही की लैंड पुलिंग की अनूठी योजना सुनिश्चित करेगी कि किसान और भूमि मालिक न केवल अधिकतम लाभ प्राप्त करेंगे बल्कि विकास परियोजनाओं में भी उचित हिस्सा प्राप्त करेंगे।
इस मौके पर भारत के योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलुवालिया, विश्व आर्थिक मंच के प्रबंध निदेशक बोर्ग बैं्रडे, नेस्ले के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉल बुल्के, इन्फोसिस के कार्यकारी सह-अध्यक्ष कृषगोपाल कृष्णन, आईसर मोटर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ लाल, हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव पी के चौधरी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव छत्रसिंह, विधायक राव धर्मपाल, उद्योग विभाग के सचिव वाई एस मलिक, एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक राजीव अरोड़ा, हरियाणा भवन के आवास आयुक्त पी के महापात्रा, उपायुक्त पी सी मीणा, पुलिस आयुक्त के के सिंधु सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।












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