अन्ना महात्मा गांधी हैं तो केजरीवाल भगत सिंह
नई दिल्ली। अन्ना हजारे आज के युग के गांधी हैं तो केजरीवाल भगत सिंह हैं, यह कहना है इंडिया अंगेस्ट करेशप्न से जुड़े अरूण चौधरी, कल्पना शर्मा और रोहित अग्रवाल का। पेशे से तीनों आईटी इंजीनियर से जब वनइंडिया ने बात की तो उन्होंने खुलकर यह बात कही।
अन्ना औऱ केजरीवाल को आदर्श मानने वाले तीनों कार्यकर्ताओं ने कहा कि अन्ना और केजरीवाल के बीच में कभी भी मतभेद नहीं हो सकता है। दोनों का तरीका अलग-अलग हैं लेकिन दोनों की मंजिल एक ही हैं, दोनों भ्रष्टाचार के ही खिलाफ निस्वार्थभाव से ही लड़ रहे हैं।
जिस तरह से आजादी के दिनों में हमने नरम-गरम दल के बारे में पढ़ा है उसी तरह अन्ना और केजरीवाल भी हैं अन्ना जहां शांतिदूत हैं और गांधी जी की तरह अंहिसावादी हैं लेकिन देश को भ्रष्टाचारियों से निजात दिलाना चाहते हैं उसी तरह अरविंद केजरीवाल आज के भगत सिंह हैं जो बहुत ज्यादा आक्रामक हैं, वो जूझारू हैं और भगत सिंह की तरह ईट का जवाब पत्थर से देना पसंद करते हैं। जिस तरह से गांधी और भगत सिंह एक-दूसरे का सम्मान करते थे उसी तरह अन्ना-केजरीवाल एक-दूसरे की इज्जत करते हैं। दोनों को ही पता है कि दोनों के मंसूबे गलत नहीं हैं। मतभेद की बातें गलत और बेबुनियाद हैं जिन्हें जबरदस्ती प्रसारित किया जा रहा है।

गौरतलब है कि आज सुबह अन्ना के बेहद करीबी रह चुके अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के तिवारी भवन में अन्ना से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद केजरीवाल ने इतना कहा कि भले ही आंदोलन में वो अन्ना जी के साथ नहीं हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं निकालना चाहिए कि हमारे बीच में मतभेद हैं, अन्ना मेरे आदर्श थे, हैं और रहेंगे।
ऐसी खबर है कि अन्ना आज अपनी नई टीम का ऐलान कर सकते हैं और इस टीम की कमान किरण बेदी के हाथों में होगी जबकि केजरीवाल अपनी नई राजनैतिक पार्टी का ऐलान कल यानी गांधी जयंति के दिन करेंगे। केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वो अगले साल दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे और सारी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे। अन्ना, केजरीवाल के राजनैतिक कदम से नाराज हैं इसलिए वो केजरीवाल के साथ नहीं हैं।












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