पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट दो लड़कियों की मौत

विस्फोट इतना जबरदस्त था कि पूरा गोदाम की ढह गया। इस हादसे में मरने वालों में पटाखा निर्माता की बेटी और उसकी चचेरी बहन शामिल है, जिनकी झुलसने और मलबे में दबने से मौत हो गयी। फैक्ट्री में विस्फोट के बाद जबरदस्त आग गली जिसके बुझाने के लिए फायर बिग्रेड को बुलाना पड़ा और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने बताया कि पारा के बादलखेड़ा गांव निवासी जावेद पटाखा बनाने का काम करता है। जावेद के पास 13 मार्च 2014 तक पटाखा बनाने का लाइसेंस भी है। जावेद ने गांव से काफी दूर एक खेत में छोटा से गोदाम बना रखा था। जावेद गोदाम में ही निर्मित किये गये पटाखे रखता था।
शुक्रवार की सुबह जावेद की बेटी शमा(14) और उसकी चचेरी बहन रूबीना(15) गोदाम पहुंचीं। दोनों ने जैसे ही गोदाम का दरवाजा खोला और अंदर पहुंची वहां जोरदार विस्फोट हो गया। लोग समझ भी नहीं पाए कि आखिर विस्फोट हुआ तो कैसे। विस्फोट इतना भयानक था कि धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। जोरदार धमाके से गोदाम की छत उड़ गयी और मलबा नीचे गिरा। दोनों लड़कियां रूबीना व शमा मलबे के नीचे दब गयीं। छत गिरने के बाद कई पटाखों में भी विस्फोट होने लगे और देखते ही देखते पूरे गोदाम में आग गय गयी।
लगातार हो रहे धमाकों की आवाज सुनकर ग्रामीण एकत्र हो गये और लोगों ने फायर बिग्रेड को इसकी सूचना दी। कुछ ही देर में एसएसपी आरके चतुर्वेदी, एसपी पश्चिम डीसी दूबे, पारा पुलिस और दमकल की चार गाडिय़ां मौके पर पहुंच गयीं। पुलिस ने दमकल कर्मियों की मदद से किसी तरह मलबे के नीचे दबी रूबीना और शमा को बाहर निकाला पर रूबीना की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने घायल शमा को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया।
जहां कुछ देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। मौके पर मौजूद दमकल कर्मियों ने आग को बुझाया। घटना की खबर पाकर मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गये। पुलिस ने पटाखा निर्माता के लाइसेंस की जांच की तो पता चला कि उसके पास 200 किलोग्राम विस्फोटक रखने की क्षमता है और घटना के समय गोदाम में महज 60 किलोग्राम वजन के पटाखे ही रखे थे।












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