गडकरी को कठघरे में खड़ा किया केजरीवाल ने

केजरीवाल के सवालों में आईएसी कार्यकर्ता अंजली डमनिया के आरोपों को भी ध्यान में लाया गया है। असल में अंजलि का कहना है कि जिस समय यह मामला आया था, तब उन्होंने नितिन गडकरी से मिलकर उन्हें सारी बातों से अवगत कराया था, लेकिन गडकरी ने उस समय बातों को हवा में उड़ा दिया। अंजलि एक बार नहीं बल्कि तीन बार गडकरी से मिली थीं- दो बार 2011 में और एक बार 2012 में। उस समय गडकरी का बयान चौंकाने वाला था, "शरद पवार अपनी पार्टी के लिये कुछ कर रहे हैं और पार्टी पवार के लिये कुछ कर रही है। आप अपनी जंग जारी रखिये हम कुछ नहीं कर सकते।"
इन्हीं बातों को सवालों में पिरोते हुए केजरीवाल ने गडकरी से चार सवाल किये हैं- पहला यह कि क्या गडकरी ने सिंचाई घोटाले के मामले में एनसीपी, शरद पवार, अजित पवार की भूमिका को लेकर कोई सवाल उठाये। क्या उन्होंने सिंचाई घोटाले का विरोध किया। अगर नहीं तो क्यों?
दूसरा सवाल यह कि गडकरी ने कहा है कि चार काम अजित पवार उनके लिए करते हैं और चार काम अपनी पार्टी के लिए। गडकरी बतायें कि आखिर शरद पवार ने उनके लिये कौन-कौन से काम किये हैं?
तीसरा सवाल यह कि गडकरी अपने बिजनेस में सभी निवेशों का खुलासा जनता के सामने क्यों नहीं करते? और अंतिम सवाल यह कि शरद पवार या उनसे संबंधित कंपनियों के साथ व्यापारिक रिश्ते जुड़े हैं।
केजरीवाल ने अंत में कहा कि अगर गडकरी इन सवालों का जवाब नहीं देते हैं, तो हम समझेंगे कि वो भी घोटाले में बराबर से भागीदार हैं।












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