'अपने हाफ ईयरली परीक्षा में अखिलेश फेल'

बसपा ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की हालत यह है कि छह महीने में ही पांच दंगे हो गये। हालात यह हैं कि जनता अब माया सरकार को याद कर रही है।
बसपा महासचिव और विधानसभा में नेता विरोधी दल स्वामी प्रसाद मौर्य तथा विधान परिषद में नेता विपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने संयुक्त बयान में कहा कि अखिलेश सरकार छह महीने में असफल साबित हुई। उनका कहना है कि प्रदेश में जंगलराज है। सरकार बैकफुट पर आ गयी है। श्री मौर्य ने कहा कि सपा सरकार अल्पसंख्यकों के नाम पर घडिय़ाली आंसू बहाती है लेकिन साम्प्रदायिक दंगों में उन्हें बचाने का ठोस प्रयास नहीं करती।
मात्र छह महीने में कोसीकला, मथुरा, मेरठ, सहारनपुर, अस्थान, प्रतापगढ, बरेली व फैजाबाद समेत कई स्थानों पर साम्प्रदायिक तनाव हुए। कुछ स्थानों पर दंगे भी हुए और अल्पसंख्यकों के घर जलाये गये। श्री मौर्य ने दावा किया कि बसपा की सरकार चार बार रही लेकिन साम्प्रदायिक दंगे एक बार भी नहीं हुए। उन्होंने कहा कि बलात्कार, दुराचार व अश्लील हरकतों की घटनायें आम हो गयी हैं।
उन्होंने कहा कि अराजक तत्व खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। सपाई थानों में घुसकर अपराधियों को छुड़ा ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। कई जिले ऐसे हैं जहां बिजली आठ घण्टे भी नहीं आती। छह महीने की ही अल्प शासनकाल में खाद्यान्न घोटाले की आशंका पैदा हो गयी है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के छह महीने का यह कार्यकाल अराजकता, अनिर्णय, अनियमितता, अन्तर्कलह व असफलता में बीत गया और इसी वजह से जनता बसपा सरकार को इससे बेहतर मानते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को याद कर रही है।












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