पॉलिटिकल पार्टियों में कांग्रेस की कमाई सबसे ज्यादा
नई दिल्ली। देश की राजनीतिक पार्टियों ने अपने आय के स्त्रोतों के बारे में जो जानकारी दी वह आधी अधूरी है। उन्होंने जो जानकारी दी वह केवल उनकी आय का लगभग 20 प्रतिशत ही है। पार्टियों ने कंपनियों, संगठनों और स्वैच्छिक योगदान से मिले डोनेशन के बारे में बताया है। उन्होंने दलों में बिकने वाले कूपन और सदस्यता अभियान से इक्ट्ठा हुई आमदनी के बारे में नहीं बताया है। रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक पार्टियों में कांग्रेस की आय सबसे ज्यादा है।
इसका कोई ब्यौरा नहीं है कि कूपन किसको और कितने में बेचे गए। राजनीतिक और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता पर काम कर रहे संगठन एडीआर (असोसिएशन फॉर डेमोक्रैटिक रिफॉर्म) और नैशनल इलेक्शन वॉच ने सोमवार को राजनीतिक दलों की आय के बारे में एक रिपोर्ट जारी की। ऐसा नियम है कि अगर किसी राजनीतिक दल को 20 हजार से ज्यादा राशि डोनेशन से रूप से मिला है तो उसको इसकी जानकारी देना जरूरी होता है।
संस्था ने आरोप लगाया है कि पार्टियां डोनेशन में मिलने वाली राशि को टुकड़ों में बाटकर 20 हजार से कम कर देती है, ताकि उसका हिसाब न दिया जाए। अगर हम बीएसपी का आंकड़ा देखे तो उसने पिछले 2 सालों के दौरान 20 हजार से अधिक का एक भी डोनेशन नहीं लिया है। ऐसा भी बताया गया है कि कई विदेशी कंपनियां राजनीतिक दलों को डोनेशन दे रही है, जोकि नियम के अनुसार गलत है। आर्थिक विदेशी सहायता पर सख्त पाबंदी है।
अगर हम पार्टियों की आय में डोनेशन का हिस्सा देखें, तो भाजपा की आय में 22.76 फीसदी है, कांग्रेस की आय में यह हिस्सा 11.89 फीसदी है। संस्था द्वारा बताया गया है कि पिछले 2 सालों में कांग्रेस की आय सबसे ज्यादा कूपन बिक्री से हुई, जबकि भाजपा की स्वैच्छिक योगदान से।
अगर हम 2004-05 से लेकर 2010-11 के बीच पार्टियों की आय देखें तो
कांग्रेस - 2008 करोड़ रुपये
बीजेपी- 994 करोड़ रुपये
बीएसपी- 484 करोड़ रुपये
सीपीएम- 417 करोड़ रुपये
एसपी- 279 करोड़ रुपये












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