पाकिस्तान से आये 171 हिन्दू, बनना चाहते हैं रिफूजी

हिन्दू शरणाथियों के अधिकारों के लिए कार्य करने वाली संस्था 'सीमान्त लोक संगठन' के प्रमुख सिंह शोधा ने कहा है कि हमने इस संबंध में मुख्यमंत्री जी को सूचित किया है और उनसे गुजारिश की है कि इन हिन्दू शरणार्थियों के रहने की कोई समुचित व्यवस्था की जाय। शोधा ने कहा है कि पाकिस्तान से हिन्दुओं का पलायन कोई नयी बात नहीं है लेकिन इससे यह पता चलता है कि वहां किस हद तक हिन्दुओं के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होने यह कहा कि ये लोग तीथीयात्री वीसा के आधार पर यहां आये हैं, जिसके अनुसार वह निश्चित समय बाद वापस जा सकते हैं पर इनमें से कोई यहां से वापस नहीं जाना चाहता।
शरणार्थियों के समूह के नेता चेतनराम ने कहा है कि हम सभी ने यहां आने के बारे में अपने रिश्तेदारों को भी नहीं बताया है। अगर हमारे मालिकों और जमीनदारों को पता चल जाता कि हम यहां से भारत जा रहे हैं तो हम वहां से कभी न आ पाते और वो हमें जीवित न छोड़ते। इसलिए हम अपना घर परिवार वहां छोड़कर यहां आ गये हैं। हम पाकिस्तान में दिहाड़ी मजदूर हैं वही काम हम यहां भी करेंगे लेकिन हम आत्मसम्मान के साथ अपना जीवन गुजारना चाहते हैं।
जोधपुर में अब लक लगभग 350 हिन्दू शरणार्थी भारत आ चुके हैं और भविष्य में इनकी संख्या और बढ़ने के आसार हैं। इस समय राजस्थान में लगभग एक लाख बीस हजार पाकिस्तानी शरणार्थी रह रहे हैं।












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