बस चले तो एक भी कट्टर मुस्लिम को नहीं रहने दूं: ठाकरे

बाल ठाकरे ने कहा, "मुझे देश की सेना का नियंत्रण दे दो। मैं अपना जादू दिखा दूंगा और सेनापति बनकर देश की सभी विपरीत परिस्थितियों को एक महीने में बदल दूंगा।"
ठाकरे से सवाल किया गया कि शिवसेना भी तो सेना है। तो ठाकरे ने कहा,"वो निहत्थी है। शिवसेना के पास सिर्फ भगवा झंडा है, फिर भी उसका प्रभाव कहीं अधिक है। मुझे होर्डिंग, बैनर और ढोल नहीं चाहिये।" ठाकरे ने कहा कि 11 अगस्त को मुंबई में मुस्लिमों ने मयान्मार में मुसलमानों पर हमले के खिलाफ जो प्रदर्शन किया वो और असम में दंगे पूर्व नियोजित थे।
ठाकरे ने कहा, "बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद से ही मुंबई में दंगे शुरू हुए। यहां तक गोधरा कांड में तीन बोगियों में लोगों को बंद कर दिया गया और आग लगा दी गई, उसमें बच्चे, महिलाएं भी जिंदा जल गईं। इसी प्रकार अगस्त 2012 में मुंबई में हुए दंगे भी पूर्व नियोजित थे।"
ठाकरे ने कहा कि सच पूछिए तो देश में पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुसलमान हैं, जो समस्याएं उत्पन्न कर रहे हैं। कम से कम महाराष्ट्र में तो वही लोग हैं। अगर मैं जोश में आ गया तो महाराष्ट्र में एक भी कट्टर मुसलमान को नहीं रहने दूं। और जम्मू-कश्मीर तक जहां-जहां हमारी पार्टी की शाखायें हैं वहां भी।
बाल ठाकरे ने एक बार फिर दोहराया कि उनकी पार्टी पाकिस्तानी क्रिकेटरों को भारत में कभी खेलने नहीं देगी। इस मामले पर उनका रुख कभी नहीं बदलेगा।
बिहार सरकार पर ठाकरे ने कहा कि नीतीश कुमार को महाराष्ट्र पुलिस पर गुस्सा होने का अधिकार है, लेकिन तभी अगर हमारे देश का कानून आम लोगों के लिये नहीं आतंकवादियों के लिये बना हो। उन्हें सोचना चाहिये कि ऐसे आतंकी कहीं भी कुछ भी कर सकते हैं। अंत में राज और उद्धव के बारे में ठाकरे ने कहा कि अब दोनों भाई करीब आ रहे हैं।












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