आजाद मैदान जैसी घटना फिर हुई तो सड़क पर उतरुंगा: राज ठाकरे

ठाकरे ने कहा कि वक्त पड़ने पर हर इंसान को अपनी ताकत दिखानी चाहिए और मैं भी दिखाऊंगा। महाराष्ट्र सरकार पर निशान साधते हुए ठाकरे ने कहा कि जब हिंसा हुई थी तो उस वक्त गृह मंत्री आरआर पाटिल कहां थे? ठाकरे ने मुंबई पुलिस को आड़े हाथों लिया और कहा कि ऐसे तो मुंबई पुलिस रेस्त्रां और बार में हॉकी लेकर जाती है मगर उस समय कहां थी जब आजाद मैदान में हिंसा हो रहा था।
राज ने कहा कि पुलिस को जब सबकुछ पता था तो फिर उन्होंने हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने एक बार फिर यूपी और बिहार के लोगों पर अपना निशाना साधते हुए कहा है कि इन दोनों राज्यों के लोग भारी संख्या में यहां पर आ रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हिंसा करने वाले महाराष्ट्र के नहीं हैं। यहां भारी तादात में बांग्लादेशी छिपे हुए हैं। ठाकरे ने कहा कि मैंने मार्च निकालने के लिए मुख्यमंत्री से बात की थी तो फिर प्रशासन को रैली पर आपत्ति क्यों है? क्या हमें शांतिपूर्ण रैली निकालने का भी हक नहीं? क्या हम अपना गुस्सा जाहिर नहीं कर सकते हैं? ऐसे में यह किस प्रकार की लोकशाही है?
मालूम हो कि राज की पार्टी एमएनएस को पुलिस ने सिर्फ सभा करने की इजाजत दी थी, लेकिन उन्होंने मोर्चा निकाला जिससे मुंबई की सड़कों पर जबर्दस्त जाम दिखा। एमएनएस (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) ने गिरगांव चौपाटी से आजाद मैदान तक रैली निकाली। बताया जा रहा है कि इसमें 20 से 25 हजार लोगों ने राज ठाकरे के साथ मुंबई की सड़कों पर मार्च किया। ठाकरे ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन आजाद मैदान में हुई हिंसा को रोकने में नाकाम रहे थे इसलिए गृहमंत्री आरआर पाटिल और मुंबई पुलिस कमिश्नर अरुप पटनायक को इस्तीफा दे देना चाहिए।












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