दिल्ली में एक रात की दुल्हन का पर्दाफाश

एक रात में दूल्हे के घर का काम तमाम करने वाली दुल्हन के साथ-साथ उसकी मां भी पुलिस के हत्थे चढ़ गई हैं। दोनों ने शादी के नाम पर एनसीआर और पश्चिमी यूपी में तमाम युवकों को चूना लगाया है। लोग इन्हें एक रात की दुल्हन कहने लगे थे। पुलिस ने इस गिरोह के सरगना को भी पकड़ लिया है, लेकिन संदिग्ध हालात में वह घायल अवस्था में सडक के किनारे पड़ा मिला था। सरगना को भी हॉस्पिटल से हिरासत में ले लिया गया है।
बिजनौर मार्ग पर ककरौली पुलिस को नजीबाबाद का रहनेवाला राजवीर घायलावस्था में पड़ा मिला था, जिसे जिला चिकित्सालय में भेजा गया हालात गंभीर होने पर उसे मेरठ रेफर कर दिया था। पुलिस राजवीर के संबंध में जानकारी जुटा रही थी कि इस दौरान क्षेत्र के खरपौड़ के रहनेवाले युवक सतीश कुमार पुलिस से टकरा गया। उसने थाने में तहरीर दी कि 25 जुलाई को राजवीर और राजेंद्र ने 40 हजार रुपये लेकर पूजा से उसकी शादी कराई थी। इनके साथ पूजा की मां मुन्नी भी थी।
शादी के दो दिन बाद 27 जुलाई की सुबह दुल्हन पूजा घर का सारा सामान ले कर भाग गई। सतीश की पत्नी का देहांत हो गया था। पुत्री के देखभाललिए उसने दूसरी शादी की बात चलाई। 25 जुलाई को नवादा के ओमवीर के माध्यम से नजीबाबाद (बिजनौर) निवासी राजवीर व राजेन्द्र, एक महिला मुन्नी देवी व उसकी बेटी पूजा को लेकर उसके घर आए और उसकी शादी पूजा से तय कर दी। 26 जुलाई को उनसे 40 हजार रुपये कपड़े व जेवरात बनवाने को लिए। शादी के दो दिन बाद 27 जुलाई की सुबह दुल्हन पूजा घर का सारा सामान ले कर भाग गई।
सतीश और गांववाले इनकी तलाश में निकले । बिजनौर मार्ग पर राजवीर और मुन्नी के साथ बस का इंतजार करते हुए खड़ी मिली। ग्रामीणों की मदद से सतीश ने तीनों को पकड़ लिया और राजवीर की बुरी तरह पिटाई की गई। राजवीर के बेहोश होने पर ग्रामीण पूजा और मुन्नी को अपने साथ ले गए। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने मां-बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो दोनों ने कबूला कि वे शादी कर लोगों को ठगने का गोरखधंधा करते हैं, जिसका सरगना राजवीर है।
पुलिस ने मेरठ पहुंचकर राजवीर को भी हिरासत में ले लिया है। उन्होंने बताया कि वे अब तक सैकड़ो लोगों को ठग चुके हैं। पूजा ने बताया कि उसकी कोशिश होती थी कि शादी के अगले दिन भाग जाए। पहले दिन वह बहाना बना कर पति को संबंध नहीं बनाने देती थी। फिर अगले दिन भाग जाती थी। पूजा ने कबूला कि कई बार उसे मजूबरी में सबंध बनाने पड़े थे। गाजियाबाद और नोएडा में वह कई दूल्हों से खुद को नहीं बचा पाई।












Click it and Unblock the Notifications