सीनियरों ने ली ऐसी रैगिंग कि चली गयी छात्रा की आवाज

जी हाँ ये बात सुनने और समझने में थोड़ी अजीब है लेकिन यही सच है। देश के समस्त शिक्षण संस्थानों में रैगिंग पूरी तरह बैन है लेकिन आज भी जूनियर छात्रों को सीनियर्स द्वारा "तमीज" और "तरीका" सिखाने के नाम पर जम कर प्रताड़ित किया जा रहा है।
जिसके मद्देनजर रैगिंग का ताजा मामला आंध्र प्रदेश के विजयनगरम स्थित गायत्री जूनियर कॉलेज का है। जहाँ रैगिंग के चलते11 वीं की छात्रा ने अपनी आवाज खो दी। मामला तक खुला जब छात्रा अपना इलाज कराने विशाखापट्नम गयी।
मिली जानकारी के अनुसार घटना 19 जुलाई की रात विजयनगरम जिले की है जहां के गायत्री जूनियर कॉलेज में कुछ सीनियर लड़कियों ने रैगिंग की इस वारदात को अंजाम दिया। भुक्तभोगी लड़की ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया है कि कुछ सीनियर लड़कियों ने पहले उसके साथ रैगिंग की और जब उसने अपना विरोध दर्ज किया तो उसका गला दबाने की कोशिश की जिसके चलते उसके गले में चोट के निशान आ गए हैं।
हादसे के बाद पीड़ित लड़की को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि लड़की के वोकल कॉर्ड पर बुरा असर पड़ा है और इससे उसके ठीक होने की संभावना बहुत कम हो गई है। आपको बताते चलें की फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गयी है।
पुलिस को दी गयी अपनी शिकायत में छात्रा ने कहा है कि जिस समय उसके साथ रैगिंग हुई उस समय वो कमरे में अकेली थी साथ ही उस समय हॉस्टल में लाईट भी नहीं आ रही थी।












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