राष्ट्रपति चुनाव में एमपी, एमएलए को व्हिप जारी करना अपराध: आयोग

आयोग ने इस मुद्दे पर संदेहों को समाप्त करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियां इस चुनाव में अपने सदस्यों को एक विशेष तरीके से मतदान करने या नहीं करने के लिए व्हिप जारी नहीं कर सकतीं क्योंकि ऐसा करना भारतीय दंड संहिता की धारा 171 सी के अर्थ के तहत अपराध के समान होगा। आयोग ने कहा कि मतदाताओं को इसकी आजादी है कि वे राष्ट्रपति चुनाव में अपनी स्वतंत्र ईच्छा या पसंद से मतदात करें या नहीं करें।
आयोग ने कहा कि राजनीतिक दल किसी भी उम्मीदवार के लिए प्रचार करने और उसके लिए वोट मांगने और मतदान में हिस्सा न न लेने के लिए अपील करने के लिए स्वतंत्र हैं। आयोग का यह भी कहना है कि निर्वाचक मंडल के सदस्यों द्वारा मतदान संबंधित सदन से बाहर की चीज है और यह उस सदन की कार्यवाही का हिस नहीं है। राष्ट्रपति पद के लिए 19 जुलाई को मतदान होने वाला और इस चुनाव में संप्रग के प्रणव मुखर्जी और भाजपा तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों द्वारा समर्थित पी ए संगमा के बीच सीधा मुकाबला है। निर्वाचक मंडल में संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानसभाओं के सदस्य शामिल हैं।












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