खुले बोरवैल की सूचना देने वाले को 500 रुपए का ईनाम

Rs 500 reward, certificate for finding open borewell in Gurgaon
गुडग़ांव। जिस राज्य में 500 रुपए में ढंग का मजूदर नहीं मिलता वहां का प्रशासन इतने रुपए में खुले बोरवैल की सूचना देने वाले को ईनाम देने की बात कह रहा है। आज के दौर में कोई 500 रुपए के लिए किसी से दुश्मनी क्यों मोल लेगा। खबर के अनुसार गुडग़ांव जिला प्रशासन ने आज खुले बोरवैल की सूचना देने वाले व्यक्ति को 500 रूपए का ईनाम तथा प्रशासन का सहयोग करने के लिए प्रशंसा-पत्र देने की घोषणा की है। खुले बोरवैल की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के फोन नंबर 100 तथा उपायुक्त कैम्प कार्यालय के दूरभाष नंबर 0124-2303333 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाला व्यक्ति यदि चाहेगा तो उसका नाम गुप्त भी रखा जाएगा।

यह निर्णय उपायुक्त पी सी मीणा की अध्यक्षता में बोरवैल को लेकर आयोजित जिला एडवाईजरी कमेटी की बैठक में लिया गया। इस बैठक में गुडग़ांव उत्तरी के एसडीएम डा. सतेन्द्र दूहन, नगराधीश विवेक कालिया, हाईड्रोलॉजिस्ट आर एस सहरावत के अलावा नगर निगम, हुडा, हरियाणा राज्य औद्योगिक संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी), जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी, तहसीलदार तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों ने भाग लिया।

मीणा ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र में यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बोरवैल खुला ना हो और जो बोरवैल अथवा ट्यूबवैल चालू हालत में हैं वे नियमानुसार होने चाहिएं। उन्होंने कहा कि बोरवैलों पर निगरानी रखने की जिम्मेदारी सभी अधिकारियों की है और इस मामले में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि एचएसआईआईडीसी, नगर निगम, नगर पालिका तथा हुडा विभाग भी अपने-अपने क्षेत्रों में बोरवैलों का सर्वेक्षण करवाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी बोरवैल खुला ना हो। उनके क्षेत्रों में इनफोर्समैंट और बचाव व राहत कार्यों की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

उपायुक्त ने कहा कि दुर्घटना होने पर ही नहीं, सामान्य स्थिति में भी बोरवैल खुला मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने कार्य क्षेत्र में बोरवैलों तथा सूखे पड़े ट्यूबवैलों का सर्वेक्षण करवाएं और जहां भी ऐसे अवैध बोरवैल मिलें उनको तत्काल कंक्रीट, मिट्टी आदि से भरकर समतल कर दें तथा दोषी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाकर की गई कार्रवाई के बारे में अपने वरिष्ठ अधिकारी तथा जिला प्रशासन को सूचित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध बोरवैल पाए जाने पर दोषी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की जिम्मेदारी उस अधिकारी की होगी, जिसके क्षेत्र में वह बोरवैल स्थित है।

उन्होंने यह भी कहा कि उच्चत्तम न्यायालय की हिदायतों का पालन किया जाए जिसके तहत सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति के बिना खोदा गया बोरवैल अथवा ट्यूबवैल गैर-कानूनी व अवैध माना जाएगा। इसके अलावा, बोरवैल, रेन वाटर हारवैस्टिंग प्रणाली लगाते समय या किसी भी प्रकार का गड्ढा खोदते समय उच्चत्तम न्यायालय की हिदायत अनुसार उसके चारों तरफ कांटेदार तार तथा साईन बोर्ड अवश्य लगाया जाना चाहिए।

उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों तथा तहसीलदारों से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्र में काम करने वाले अपने अधीनस्थ अमले को बोरवैलों के मामले में उच्चत्तम न्यायालय की हिदायतों के बारे में जागृत करें और बताएं कि जिला प्रशासन ने बोर करने वाली एजेंसी व मशीन का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है। आने वाली 10 जुलाई के बाद गैर-पंजीकृत बोरिंग मशीन पाए जाने पर वह मशीन तो जब्त की ही जाएगी, मालिक के खिलाफ भी धारा 144 की अवहेलना करने की एफआईआर दर्ज होगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+