आतंक ब्रिगेड का रिक्रुटमेंट हेड था अबू हमजा

जी हां भारतीय पुलिस के सामने आतंकी हमजा अपने आकाओं का फसाना गा रहा है जो बहुत जल्द ही भारत में नापाक मंसूबों को अंजाम देने वाले थे। हमजा ने खुलासा किया है कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा अपने नेवी विंग्स को सिर्फ सक्रिय ही नहीं कर रहा था बल्कि आतंक की ब्रिगेड बनाने के लिये दुबई में बडे स्तर पर भर्ती चल रही थी। इस भर्ती का एक ही मकसद था और वह था भारत पर एक बड़ा आतंकी हमला। हमजा ने बताया कि पाकिस्तान पर दबाव के बाद लश्कर ने अपने विंग्स को बंद कर दिया था मगर वर्ष 2011 से यह फिर से सक्रिय हो गया था। तो आईए अबु हमजा और उसके द्वारा किये गये खुलासों पर विस्तार से चर्चा करते हैं।
आतंक ब्रिगेड का रिक्रुटमेंट हेड था अबू हमजा
मुंबई हमले का आरोपी और 26 नामों वाला आतंकी अबू हमजा के कंधे पर लश्कर ने कई जिम्मेदार काम लाद रखे थे। इनमें से एक था लश्कर के ब्रिगेड के लिये रंगरूटों की भर्ती करना। जी हां हमजा ने इस बात का खुलासा किया है कि भारत पर बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिये दुबई में लश्कर की भर्ती चल रही थी और भर्ती की जिम्मेदारी उसे ही सौंपी गई थी। उसे दिशा निर्देश दिया गया था कि वह भारतीय जवानों पर नजर रखे और उन्हें आतंकी हमले के लिये तैयार करे।
हमजा ने बताया कि भर्ती के दौरान उसने लगभग 12 भारतीय युवाओं को ब्रिगेड में शामिल किया है जो आतंकी सोच रखते हैं। हमजा ने यह भी खुलासा किया है कि भर्ती हुए रंगरूटों को कुशल तैराक बनाने की जिम्मेदारी भी उसी के कंधे पर थी। इस बात से साफ जाहिर होता है कि लश्कर ए तैयबा इस बार भी भारत पर हमले के लिये समुद्री मार्ग का इस्तमाल करने वाला था।
अब बोलेगा हमजा तो फंसेगा पाकिस्तान
कंजरवेटिव थिंक टैंक हेरिटेज फाउंडेशन की दक्षिण एशिया मामलों की वरिष्ठ शोधार्थी लीसा कर्टिस ने मंगलवार को लिखा कि जिंदल ने कथिततौर पर स्वीकार किया है कि उसने जिस कमरे से आतंकवादियों को निर्देश दिए थे, उस कमरे में पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी मौजूद थे। उसने यह भी बताया कि ध्यान देने की बात यह है कि पाकिस्तान मुंबई हमले के आरोपियों के खिलाफ कमजोर सुबूतों का हवाला देकर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई से बचता रहा है। लेकिन अब अबू द्वारा दी गई जानकारी से इन्कार कर पाना पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा। पूछताछ में हमजा की तरफ से दिये गये बयानों की जांच के बाद अगर सत्यता पाई जाती है तो आतंकवाद के कनेक्शन को लेकर पाकिस्तान का फंसना तय है।
गुर्गों का गाईड था आतंकी हमजा
पूछताछ के दौरान हमजा ने बताया कि मुंबई हमले के दौरान लखवी को उसी ने लैपटॉप चलाना सिखाया था। इतना ही नहीं हमजा ने लखवी को वीओआईपी कॉल (इंटरनेट द्वारा फ्री कॉल) करना सिखाया था। इतना ही नहीं हमजा ने ही कसाब और उसके साथियों को मुंबई के टैक्सी वालों से बातचीत करना सिखाया था।
26 नामों वाले अबू हमजा के कारनामे
2008 के मुंबई आतंकी हमले में शामिल आतंकी अबू हमजा उर्फ अबू जिंदाल की गिरफ्तारी को अजमल कसाब की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। आपको बताते चलें कि महाराष्ट्र के बीड़ जिले के गेवराई इलाके से ताल्लुक रखने वाले इस आतंकी का असली नाम सैयद जबीउद्दीन है और लश्कर के साथी इसे इसी नाम से जानते हैं। इसके अलावा अबू जिंदाल उर्फ रियासत अली उर्फ अबू हमजा जैसे इसके 26 नाम हैं। आईटीआई से प्रशिक्षित यह आतंकी गुजरात दंगों (2002) के बाद जिहादी बन गया।
हमजा सबसे पहले सिमी से जुडा, उसके बाद इंडियन मुजाहिद्दीन और अब वह लश्कर का सक्रिय सदस्य है। हमजा को लश्कर और आईएम के बीच की सबसे मजबूत कड़ी माना जाता है। हमजा पर जो आरोप है उनमें 2005 में बैंगलोर स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस पर हमला, 2006 में औरंगाबाद में हथियारों की तस्करी, मुंबई ट्रेन धमाके, 2010 में पूणे बेकरी ब्लास्ट, गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की हत्या का षड़यंत्र और दिल्ली में जामा मस्जिद के पास बम विस्फोट शामिल हैं।












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