एयर इंडिया: हड़ताल का 21वां दिन, 300 करोड़ का नुकसान

इस घाटे में टिकटों का रद्द होना, कर्मचारियों का काम पर न आना आदि शामिल है। अधिकरियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बुकिंग स्थिर हो गयी है। एयर इंडिया के अप्रैल में आए आकड़ों के अनुसार 17.6 फीसदी के साथ बाजार से चौथी सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। किराए की नयी योजना को लेकर एयर इंडिया 1 जून को अपनी नयी सारिणी लागू करेगी।
सूत्रों के अनुसार सात नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। अगर ऐसा हो गया तो कंपनी रोज 45 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की जगह 38 उड़ानों का संचालन करेगी। सिंगापुर, थाईलैंड, कुवैत, ओमान, आदि देशों के लिए उड़ान जारी है जबकि सियोल, हांगकांग, टोरंटो आदि देशों की उड़ाने रद्द कर दी गयी है।
इससे पहले एयर इंडिया के अधिकारियों ने हड़ताल खत्म करने के लिए एक बैठक की थी, लेकिन उसका कोई सकारात्मक परिणाम निकलता नजर नहीं आया। एयर इंडिया के 101 पायलट आठ मई से सामूहिक चिकित्सा अवकाश पर है, जोकि हड़ताल का ही एक हिस्सा है। इस मामले पर कोर्ट ने कहा था कि अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलकर इसका समाधान करना चाहिए।
हड़ताल के शुरूआत में ही केंद्रीय विमानन मंत्री अजीत सिंह ने कहा था कि दिवालिया होने की कगार पर आ गयी है एयर इंडिया। लगातार बढ़ते हड़ताल के कारण कही ऐसा न हो की सिंह की बात सही हो जाए।












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