साठ साल बाद मिला सिखों को हिंदू कानून से मुक्ति

अमेरिका में रहने वाले सिखों ने भी आनंद कारज विधेयक के संसद में पास होने का स्वागत किया है और इस दिन को देश में रहने वाले अपने समुदाय के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक दिन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण कदम है लेकिन यह अफसोस की बात है कि ऐसा करने में 60 साल का समय लग गया।
संसद में इस संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा, अब सिख अपनी शादियों को आनंद विवाह कानून के तहत पंजीकृत करा सकेंगे। चर्चा के बाद यह विधेयक संसद में ध्वनि मत से पारित हो गया।
आनंद विवाह कानून वर्ष 1909 में अधिनियमित किया गया था, लेकिन इसमें विवाह के पंजीकरण का कोई प्रावधान नहीं था। विधेयक पर शिरोमणि अकाली दल की हरसिमरत कौर ने कहा, विदेश में सिखों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उनकी पहचान तो सिख समुदाय से होती थी मगर शादियों का पंजीकरण हिंदू विवाह कानून के तहत होता था।












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