उच्च शिक्षा में उत्तर प्रदेश काफी पीछे

उन्होंने प्रदेश को मुम्बई और पुणे जैसे शहरों की तर्ज पर विकसित करने की वकालत करते हुए कहा कि बड़े उद्योंगों के बगैर किसी क्षेत्र का समुचित विकास हो ही नहीं सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े और कुटीर दोनों उद्योगों को संतुलित आधार पर स्थापित किया जाना चाहिए। उद्योगों के लगने से रोजगार बढ़ेगा और युवा पलायन नहीं करेंगे।
दिल्ली के प्रतिष्ठित एक उच्च शिक्षण संस्थान से परास्नातक अनुप्रिया ने कहा कि सत्तारुढ़ दलों को यह सोचना चाहिए कि इंजीनियङ्क्षरग या अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त छात्र नौकरी के लिए प्रदेश से बाहर क्यों जा रहे हैं। अपना दल महासचिव ने कहा कि यदि युवकों को गुजरात की तरह अपने ही राज्य में सम्मानजनक रोजगार मिल जाये तो वे बाहर क्यों जायेंगे।
उन्होंने कहा कि बिजली और सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था हो जाये तो प्रदेश में भी कारपोरेट सेक्टर के बडे उद्योग लगने लगेंगे और बेरोजगारी दूर होगी। उन्होंने कहा कि यूपी का विकास मुम्बई, पुणे, कोलकाता, बंगलुरु और गांधीनगर जैसे शहरों की तरह होना चाहिए। मायावती के शासन की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मायावती ने जनकल्याणकारी पैसों का स्मारक आदि बनवाने में दुरुपयोग किया। अखिलेश सरकार ने भी अम्बेडकरनगर जिले में लोहिया पार्क बनवाने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि पार्क या स्मारक बनाने से पहले यह सुनिश्चित होना चाहिए कि जनता के पैसे की बर्बादी न हो। उनका कहना था कि सरकारी धन के दुरुपयोग की वजह से कई जनकल्याणकारी योजनायें धरी की धरी रह जाती हैं।












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