भारत-पाक वार्ता में उठेगा सरबजीत की जल्द रिहाई का मुद्दा

कौर ने पाकिस्तान सरकार से अपील की है कि वह मानवीय आधार पर सरबजीत की रिहाई करें। ठीक उसी तरह, जैसे भारत ने पाकिस्तानी वैज्ञानिक खलील चिश्ती के मामले में किया है। लाहौर और मुल्तान में 1990 में श्रृंखलाबद्ध बम विस्फोटों के सिलसिले में सरबजीत सिंह को सजा सुनायी गयी। उसे सजा ए मौत दी गयी थी लेकिन लगातार उसकी फांसी टलती रही। वह लाहौर जेल में बंद है। कौर ने बताया कि वह सरबजीत की जल्द रिहाई के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और जल संसाधन मंत्री पवन कुमार बंसल से भी मुलाकात करेंगी।
कौर ने कहा, मैं पाकिस्तान सरकार से अपील करती हूं कि वह सरबजीत को ठीक उसी तरह से मानवीय आधार पर रिहा करें जिस तरह भारत ने पाकिस्तानी वैज्ञानिक खलील चिश्ती के मामले में किया। साल 1990 में लाहौर और मुल्तान में हुए एक श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों के मामले में सरबजीत को दोषी करार दिया गया है।
इस मामले में 14 लोग मारे गए थे । सरबजीत को फांसी की सजा सुनायी गयी है और फिलहाल वह लाहौर के कोट लखपत जेल में बंद है। उसकी फांसी की सजा बार-बार टल रही है । कौर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विदेश मंत्री एस एम कृष्णा और जल संसाधन मंत्री पी के बंसल से मुलाकात कर सबरजीत की जल्द रिहाई का प्रयास करने का अनुरोध करेंगी।












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