तीसरे दिन भी पायलटों का आंदोलन जारी, 11 उड़ाने रद्द

विमानन मंत्री अजीत सिंह ने कहा है कि पायलटों की हड़ताल गैरकानूनी है, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एअर इंडिया को बंद करने में सरकार को कोई मुश्किल नहीं होगी। उन्होंने तो यह भी कह दिया कि सरकार को सर्विस सेक्टर में काम ही नहीं करना चाहिए। पायलटों का आरोप है कि एअर इंडिया मैनेजमेंट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की ट्रेनिग को लेकर भेदभाव कर रहा है।
गौरतलब है कि ड्रीमनाइनर विमानों की ट्रेनिंग को लेकर पैदा हुए विवादों के बाद एअर इंडिया के पायलट हड़ताल पर चले गये थे, जिसके जवाब में एअर इंडिया ने भी कड़ा रूख अपना लिया था। एअर इंडिया प्रबंधन ने मंगलवार को आंदोलनकारी 14 पायलटों को बर्खास्त कर दिया था, और उनके संगठन के संबद्ध दफ्तरों को भी सील कर दिया।
लगभग 150 पायलटों के काम पर नहीं आने के बाद प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया है। पायलटों के काम पर न आने के कारण एअर इंडिया सहित यात्रियों को खासा दिक्कतों को सामना करना पड़ा। कल मध्य रात्री की पांच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पडा़ है। नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने आंदोलन को अवैध करार दिया है।
एअर इंडिया सूत्रों के अनुसार ऐसी भी खबर आ रही है कि अगर शाम छह बजे तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो उन सबके साथ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस आंदोलन का नुतृत्व करने वाले इंडियल पायलट्स गिल्ड के पदाधिकारी को प्रशासन बर्खास्त कर चुका है। आईपीजी की मान्यता रद्द कर दी गयी और इसके दिल्ली और मुंबई के दफ्तरों को सील किया जा चुका है।
किस कारण से कर्मचारियो ने किया आंदोलन?
आपको बता दे कि इंडियन पायलट्स गिल्ड से संबद्ध एयर इंडिया पायलटों का एक दल बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्रशिक्षण कार्यक्रम के पुनर्निर्धारण तथा करियर से जुड़े मामले को लेकर विरोध कर रहा है। पायलटों और प्रबंधन के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन वह बीच में ही चिकित्सा अवकाश पर चले गये।












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