सब्जियों की कीमत ने बिगाड़ा घर का बजट

हालत ये है कि आलू की कीमत में भी 5 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। पहले जो आलू 10 रुपये प्रति किलो था आज वो खुदरा बाजारों में 15 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है । ऐसा ही कुछ हाल प्याज का भी है। प्याज की कीमत में 5 रुपए की तेजी आई है जिससे अब आदमी दोनों तरफ से रो रहा है अब इसकी कीमत 20 रुपए तक पहुंच गई है। जबकि भिंडी के दाम में जबरदस्त उछाल आया है। भिंडी पहले 60 रुपए प्रति किलो थी लेकिन अब 80 रुपए तक पहुंच गई है। टमाटर की कीमत में 10 रुपए की तेजी देखी गई है। पहले इसकी कीमत 30 रुपए थी अब एक किलोग्राम टमाटर के लिए 40 रुपए देने पड़ रह हैं।
सब्जीमंडी में बैंगन की कीमत में 15 रुपए की बढ़ोतरी देखी गई है। अब एक किलो बैंगन के लिए 40 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं। जबकि लौकी में भी 10 रुपए की तेजी आई है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी सब्जियों ने आम आदमी के लिए मुश्किलें पैदा कर दी है। घर का बजट बिगड़ रहा है। लखनऊ की दुबग्गा मंडी और नरही बाजार दोनों का हाल बेहाल है। बाजार से या तो सब्जियां गायब हैं या फिर जिन दुकानों में सब्जियां रखी हैं, वहां खरीदार न के बराबर हैं। प्याज जहां हफ्ते भर पहले 10 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, वो अब 5 रुपये बढ़कर 15 रुपये में बिक रहा है। वहीं भिंडी की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो हो गई है। रोजमर्रा के आलू की कीमतों में भी 5 रुपए किलो की बढ़ोत्तरी हुई है। आलू जो 10 रुपये में बिकता था वो अब 15 रुपये प्रति किलो हो गया है।
लहसुन की कीमत 80 से 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। जबकि टमाटर के दाम 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। एक तो बजट ने जरूरत की हर चीज को महंगा कर दिया। ऊपर से हर दूसरे हफ्ते पेट्रोल की कीमतों में आग लग रही है। इसके बाद अब जिस तरह से सब्जियों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उसमें आम आदमी पिसने को मजबूर है।
वही चौक निवासी गृहणी सुनीत मिश्रा ने बताया कि सब्जियों के दाम बढने से अचानक घर का बजट बिगड़ गया है क्योकि इस समय बच्चों की फीस का बोझ पहले से था और अब सब्जियों के दाम बढने से घर का पूरा बजट बिगड़ गया है । साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि चाहे राज्य सरकार हो या फिर केंद्र सरकार वो सिर्फ महंगाई कम करने का आश्वासन दे सकती है मगर कम नहीं कर सकती है ।












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