स्पीड ब्रेकर से हुई मौत का मिला मुआवजा

इस मामले में मृतक की मौत का कारण लोक निर्माण विभाग की गलती से बनाए गए ब्रेकर को बताया गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. नीलिमा शांगला की अदालत ने स्थानीय न्यू हाउसिंग बोर्ड निवासी मृतक शिव प्रकाश बिश्रोई के परिजनों को साढ़े पांच लाख रुपए का मुआवजा देने के लोक निर्माण विभाग (सड़क एवं भवन) को आदेश दिए हैं।
यह स्पीड ब्रेकर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाया गया था। 13 जनवरी 2011 को स्पीड ब्रेकर के कारण मोटर साईकिल से गिर शिव प्रकाश की मृत्यु हो गई थी। उन्होंने अपने निर्णय में कहा है कि ऐसे सभी रफ्तार अवरोधक, जोकि निर्धारित 10 सेंटीमीटर की ऊंचाई से ज्यादा ऊंचे हैं, उन्हें 15 दिन में खत्म किया जाए क्योंकि ऐसे रफ्तार अवरोधक शहरवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
गौरतलब है कि 13 जनवरी 2011 को शिवकुमार स्कूटर पर सवार होकर मार्किट से अपने घर बरनाला रोड, न्यू हाउंिसंग बोर्ड कॉलोनी जा रहा था। बाल भवन के नजदीक पुरानी कचहरी रोड पर पहुंचा तो उसका स्कूटर एक नवनिर्मित स्पीड अवरोधक, जोकि सामान्य रफ्तार अवरोधक से ढाई गुणा बड़ा था, को पार करते हुए शिवकुमार अपना संतुलन खो बैठा और सड़क पर जा गिरा जिससे उसके सिर पर चोट आई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
इस घटना से पांच दिन पहले भी एक मोटरसाइकिल सवार को इसी रफ्तार अवरोधक की वजह से अपनी जान गंवानी पड़ी थी। पीडब्ल्यूडी विभाग के नियमानुसार रफ्तार अवरोधक ऊंचाई 10 सेंटीमीटर व चौड़ाई पांच मीटर होनी चाहिए जबकि उक्त रफ्तार अवरोधक की ऊंचाई 25 सेंटीमीटर थी तथा उस पर किसी प्रकार का कोई चिन्ह या निशान भी नहीं था, जिस कारण वाहन सवार समय रहते अपने वाहन की गति धीमी कर सके।












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