करेंट से हाथ कटा, बिजली विभाग देगा 7.5 लाख का मुआवजा

न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलो ने बीएसईएस राजधानी पावर को निर्देश दिया कि मुआवजे की राशि का भुगतान घटना के समय चार साल की अंजुम को एक माह में कर दे। अदालत ने कहा कि सभी साक्ष्यों से कंपनी की लापरवाही स्पष्ट नजर आ रही है। कोर्ट ने बच्ची से पूरी तरह से हमदर्दी जताते हुए कहा कि इस बच्ची को अब अपनी पूरी उम्र अपाहिज के तौर पर गुजारनी पड़ेगी।
हाईकोर्ट में सफदरजंग अस्पताल की रिपोर्ट को भी पेश किया गया, जिसमें बच्ची के 85 प्रतिशत तक अपाहिज हो जाने की बात कही गई है। ऐसे में उसे साढ़े सात लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। । अत: उनकी नजर में साढ़े सात लाख रुपये मुआवजा देना जरूरी है।याची के पिता ने हाईकोर्ट में दी याचिका में आरोप लगाया था कि बीएसईएस ने उनके नजफगढ़ इंदिरा पार्क के पास स्थित घर के पास बिजली के खंबे पर ट्रांसफार्मर लगा दिया था।
घर की छत से ट्रांसफार्मर की दूरी मात्र एक बाजू भर थी। उन्होंने बिजली कंपनी से शिकायत कर उसे हटाने के लिए कई बार आग्रह किया, मगर कंपनी के अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया। मार्च 2007 में उनकी पुत्री खेलते हुए ट्रांसफार्मर की चपेट में आ गई थी। बिजली का करेंट लगने से वह छत से नीचे गिर गई और उसकी जान बचाने के लिए एक हाथ काटना पड़ा था।












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