नीतीश मुंबई जाकर करेंगे ठाकरे पर पलटवार

देश के किसी भी हिस्से में जा सकता हूं, और उसके लिए किसी वीजा की जरुरत नहीं है। मैं जा रहा हूं। मैं अपना संदेश वहीं दूंगा। मुंबई में बिहार दिवस कार्यक्रम के बारे में उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को बिहार के प्रवासी मजदूरों द्वारा आयोजित एक सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में वह अपना संदेश देंगे।
उधर, मनसे के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस मुद्दे पर राज साहेब 12 अप्रैल को मालेगांव में एक जनसभा में पार्टी का रुख स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी है। यदि कोई भी महाराष्ट्र की संस्कृति और मराठी भाषा का अपमान करता है तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिहार के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 15 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम के संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि बिहारियों के नाम अपना संदेश वह मुंबई में ही देंगे। मुंबई में आयोजित होने वाले बिहार दिवस कार्यक्रम का महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कुछ नेताओं द्वारा विरोध करने के संबंध में एक प्रश्न के जवाब में नीतीश कुमार ने कहा कि 15 अप्रैल को यह कार्यक्रम बिहार के मजदूरों ने किया है।
यह एक सामाजिक सांस्कृतिक कार्यक्रम है। मुंबई में ही मैं अपना संदेश दूंगा। नीतीश ने कहा कि मुंबई जाने पर मुझे कोई रोक नहीं है। हम कहीं भी जा सकते हैं। हालांकि नीतीश कुमार ने मनसे के विरोध के संबंध में कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी।












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