आप भी देखें कैसे बेचा जा रहा है मिलावटी दूध

खबर से पहले हम आपको बतायेंगे कि किस तरह लोग दूध में मिलावट करते हैं। पैसे कमाने के लालच में दूध विक्रेताओं द्वारा किए जा रहे गोलमाल बारे एक दूध विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अधिकतर दूध का धंधा करने वाले फैट बढ़ाने व दूध को गाढ़ा करने के लालच में कैमिकल्स, रिफाइंड व शैम्पू की मिलावट कर उसे बेचने का कार्य करते हैं। ऐसा करने से दूध की फैंट बढ़ जाती है। वह गाढ़ा भी हो जाता है।
खरीददारों को दिखाई देने में उक्त दूध बढिय़ा नजर आती है लेकिन यह सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग सहित मिल्क प्लांट के अधिकतर कर्मचारियों को इन सब बातों का पता है लेकिन दूध का धंधा करने वालों पर कभी कभार ही कार्यवाही होती है।
रोहतक में फैक्ट्री सील
इस बारे में रोहतक मिल्क प्लांट के अंदर कार्यरत मैनेजर आर.पी. गुगनानी का कहना है कि महम क्षेत्र के चार गावों से आने वाले दूध को चैक किया गया था। यह दूध कसौटी पर खरा नहीं उतरा। फरमाणा, बेडवा, सैमाण व भैणी सुरजन गांव में चल रही दूध डेयरियों से दूध लेना बंद कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार पिछले काफी समय से विभाग के अधिकारियों को शिकायत मिल रही थी विभिन्न गांवों से मिल्क प्लांट में आने वाले दूध के अंदर जहरीले कैमिकल्स की मिलावट कर दुग्ध विक्रेता मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
इसी आधार पर विभाग ने अनेक गांवों से आने वाले दुग्ध को जांचा तो फरमाणा, बेडवा, सैमाण व भैणी सुरजन में सोसायटी द्वारा चलाई जा रही दुग्ध डेयरियों से आने वाले दूध को कसौटी पर खरा नहीं पाया। इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए प्लांट के अधिकारियों ने इन गांवों की डेयरियां पर पाबंदी लगाने के बाद इनका दूध लेना बंद कर दिया।












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